» लाइफस्टाइल
Sleep Divorce: क्या है 'स्लीप डिवोर्स', जानें कपल्स के बीच क्यों बढ़ रहा है यह ट्रेंड
Go Back | Yugvarta , Dec 04, 2024 09:19 PM
0 Comments


0 times    0 times   

News Image Delhi : 
Sleep Divorce: पहली नजर में "स्लीप डिवोर्स" सुनकर ऐसा लग सकता है कि यह किसी रिश्ते में दरार का संकेत है. लेकिन सच्चाई इसके उलट है. "स्लीप डिवोर्स" एक ऐसा ट्रेंड है, जिसे कपल्स अपनी नींद और रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए अपना रहे हैं. इसका मतलब है कि पति-पत्नी एक ही बिस्तर पर सोने के बजाय अलग-अलग कमरों में सोते हैं.

क्यों हो रहा है 'स्लीप डिवोर्स' का ट्रेंड?

आजकल की तेज-तर्रार जिंदगी और व्यस्त शेड्यूल ने लोगों की नींद को प्रभावित किया है. खराब नींद न केवल स्वास्थ्य पर असर डालती है, बल्कि रिश्तों में तनाव भी पैदा करती है. इसके लिए कई कपल 'स्लीप डिवोर्स' को अपना रहे हैं.

यहां जानें 'स्लीप डिवोर्स' अपनाने की वजहें:

खर्राटे और सोने की आदतें: पार्टनर के खर्राटे लेना या रात में बार-बार करवट बदलना दूसरे की नींद में बाधा डालता है. इसके अलावा देर रात तक मोबाइल का उपयोग भी परेशानी का कारण बनता है.

स्वास्थ्य समस्याएं: स्लीप एपनिया या अन्य नींद संबंधी विकार वाले पार्टनर की वजह से दूसरे को चैन से सोने में मुश्किल होती है.

पर्सनल स्पेस की जरूरत: कई कपल का मानना यह भी है कि एक-दूसरे को पर्सनल स्पेस देना रिश्ते को ताजा और संतुलित बनाता है. कभी-कभी दूरी रिश्ते को मजबूत करने का काम करती है.

अच्छी नींद की जरूरत: अच्छी नींद से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है. यह मूड को भी सकारात्मक बनाता है.

स्लीप डिवोर्स के फायदे

बेहतर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य: चैन की नींद तनाव और चिड़चिड़ाहट को दूर करती है.

रिश्ते में मजबूती: नींद पूरी होने के बाद कपल्स एक-दूसरे के साथ अधिक समय गुणवत्ता से बिता सकते हैं.

नई शुरुआत का मौका: दूरी कभी-कभी पार्टनर को रिश्ते पर नए नजरिए से सोचने का मौका देती है.

स्लीप डिवोर्स को कई कपल इसके फायदे को देखकर अपना रहे हैं हालांकि यह भी ध्यान में रखना जरूरी है कि इसके नुकसान भी हो सकते हैं. हर चीज के दो पहलू होते हैं. इसी तरह स्लीप डिवोर्स के कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं.

स्लीप डिवोर्स के नुकसान

भावनात्मक दूरी: लंबे समय तक अलग सोने से रिश्तों में इमोशनल कनेक्शन कम हो सकता है. अलग कमरों में सोना शारीरिक और भावनात्मक जुड़ाव को प्रभावित कर सकता है.

बच्चों पर असर: बच्चों को यह समझाना मुश्किल हो सकता है कि माता-पिता क्यों अलग सोते हैं.

तनाव और चिंता: यह डर बना रह सकता है कि अलग सोने से रिश्ते में स्थायी दूरी न आ जाए.

क्या करें अगर अपनाना हो स्लीप डिवोर्स?

अगर आप और आपका पार्टनर स्लीप डिवोर्स अपनाने की सोच रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखें. जैसे स्लीप डिवोर्स का फैसला दोनों की सहमति से होना चाहिए. एक तय समय पर मिलकर समय बिताएं, जैसे डिनर या मॉर्निंग वॉक. भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखें.

'स्लीप डिवोर्स' एक ऐसा ट्रेंड है, जो कपल्स को उनकी नींद और रिश्तों को सुधारने का अवसर देता है. हालांकि, इसे अपनाने से पहले यह समझना जरूरी है कि यह हर कपल के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता. बेहतर कम्यूनिकेशन और आपसी समझ से यह फैसला किया जा सकता है कि यह आपके रिश्ते के लिए सही है या नहीं.
  Yugvarta
Previous News Next News
0 times    0 times   
(1) Photograph found Click here to view            | View News Gallery


Member Comments    



 
No Comments!

   
ADVERTISEMENT






Member Poll
कोई भी आंदोलन करने का सही तरीका ?
     आंदोलन जारी रखें जनता और पब्लिक को कोई परेशानी ना हो
     कानून के माध्यम से न्याय संगत
     ऐसा धरना प्रदर्शन जिससे कानून व्यवस्था में समस्या ना हो
     शांतिपूर्ण सांकेतिक धरना
     अपनी मांग को लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाना
 


 
 
Latest News
‘Even dogs giving blessings’: SC judge Vikram
SCO Summit LIVE: PM Modi, Xi Jinping
Pawan Singh Apologises to Anjali Raghav After
‘Needed for humanity’: PM Modi, Xi Jinping
Yoga Expert Recommends 3 Asanas to Beat
China, India are Cooperation Partners, Not Rivals,
 
 
Most Visited
Rice water & Methi Dana Toner for
(1476 Views )
Shubhanshu Shukla Returns to Earth: A Proud
(630 Views )
उत्तराखंड : केदारनाथ में हेलीकॉप्टर क्रैश, 7
(605 Views )
मुकुल देव आखिरी बार इस फिल्म में
(603 Views )
Salakaar Review: A Rushed Tribute to Ajit
(538 Views )
उत्तराखंड में 3 घंटे का येलो अलर्ट,
(532 Views )