मां नंदा देवी मेला हमारी आस्था और पहचान का प्रतीक : CM धामी, जागेश्वर सौंदर्यीकरण के लिए 146 करोड़ स्वीकृत
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Yugvarta
, Aug 28, 2025 06:17 PM 0 Comments
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Dehradun :
देहरादून, 28 अगस्त : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा के मां नंदा देवी मेला-2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अल्मोड़ा वासियों सहित पूरे प्रदेशवासियों को बधाई दी और कहा कि यह मेला हमारी लोक आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सशक्तिकरण का भी मंच है। उन्होंने बताया कि 2026 में होने वाली मां नंदा राजजात यात्रा को भव्य रूप में आयोजित करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि 12 वर्ष में एक बार होने वाली इस यात्रा को दिव्य और भव्य बनाने में सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक विरासत के पुनरुत्थान का अमृतकाल चल रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और उत्तराखंड की पहचान को सुरक्षित रखने हेतु दृढ़ संकल्पित होकर कार्य कर रही है।
जागेश्वर धाम सौंदर्यीकरण हेतु 146 करोड़
मुख्यमंत्री ने बताया कि मानसखंड पर्वतमाला मिशन के तहत कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण और पुनरुत्थान किया जा रहा है। जागेश्वर मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए मास्टर प्लान के अनुसार कार्य गतिमान हैं। पहले चरण में 146 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं, वहीं दूसरे चरण की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेस अस्पताल के नए भवन का निर्माण हो रहा है। सोमेश्वर में 100 बेड उपजिला चिकित्सालय में प्रथम चरण में 50 बेड के अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। अल्मोड़ा में 50 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक और महिला चिकित्सालय का अपग्रेडेशन (लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से) किया जा रहा है।
सड़क और कनेक्टिविटी
उन्होंने कहा कि पिछले 3 वर्षों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत अल्मोड़ा जनपद में 248 किमी सड़कें बनाई गईं। लोक निर्माण विभाग के तहत भी करोड़ों की लागत से मार्गों का निर्माण और नवीनीकरण हुआ है। 400 करोड़ से अल्मोड़ा-पौड़ी-रुद्रप्रयाग सड़क और 922 करोड़ से अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क चौड़ीकरण को मंजूरी दी गई है।
पर्यटन को बढ़ावा देने और आवागमन सुगम बनाने के लिए “उड़ान योजना” के अंतर्गत हेली सेवाएं शुरू की गई हैं। सदी महर गांव में 12 करोड़ की लागत से लिफ्ट पंपिंग योजना और 25 से अधिक पार्किंग स्थलों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। चौखुटिया में हेलीपैड निर्माण की योजना पर भी कार्य जारी है।
स्थानीय आजीविका और स्वदेशी को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक जनपद, दो उत्पाद”, “हाउस ऑफ हिमालयाज”, “स्टेट मिलेट मिशन”, “एप्पल मिशन”, “नई पर्यटन नीति”, “नई फिल्म नीति”, “होम स्टे” और “वेड इन उत्तराखंड” जैसी योजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
उन्होंने कहा कि “स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ” मंत्र को आत्मसात कर हम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बना सकते हैं, बल्कि स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को भी आत्मनिर्भर बना सकते हैं।
अवैध मदरसों और लैंड जिहाद पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। अब तक साढ़े छह हजार एकड़ सरकारी भूमि लैंड जिहाद से मुक्त कराई गई है। करीब 250 अवैध मदरसे सील किए गए हैं और 500 से अधिक अवैध संरचनाएं हटाई गई हैं। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में मदरसा बोर्ड को समाप्त किया जाएगा। 1 जुलाई 2026 के बाद ऐसे मदरसे बंद हो जाएंगे जिनमें सरकारी बोर्ड का पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाया जाएगा।
नंदा देवी मंदिर और हस्तशिल्प ग्राम
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नंदा देवी मंदिर का पुनर्निर्माण पारंपरिक शैली में किया जाएगा। साथ ही, डीनापानी में “नंदा देवी हस्तशिल्प ग्राम” स्थापित किया जाएगा, जहां स्थानीय महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों के साथ ताम्र वस्तुएं, ऐपण कला, काष्ठ शिल्प और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाएगा और उन्हें देश-विदेश के बाजार से जोड़ा जाएगा।