धराली आपदा: उच्चस्तरीय समिति ने किया निरीक्षण, पुनर्वास और आजीविका सुदृढ़ीकरण पर किया विचार-विमर्श
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Yugvarta
, Aug 13, 2025 06:56 PM 0 Comments
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Dehradun :
उत्तरकाशी। धराली आपदा प्रभावित क्षेत्र में बुधवार को शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने व्यापक निरीक्षण कर पुनर्वास और आजीविका सुदृढ़ीकरण से जुड़े आवश्यक पहलुओं का मूल्यांकन किया। समिति में सचिव राजस्व डॉ. सुरेंद्र नारायण पांडेय, मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा डॉ. आशीष चौहान और अपर सचिव वित्त हिमांशु खुराना शामिल थे।
समिति ने प्रभावित परिवारों, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों से विस्तृत बातचीत कर उनके सुझाव संकलित किए। ग्रामीणों ने जांगला, लंका और कोपांग में विस्थापन की मांग रखते हुए केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण की तर्ज पर धराली के पुनर्निर्माण का आग्रह किया। आपदा पीड़ित कौशिक पंवार ने सेब उत्पादकों के लिए सड़क मार्ग के पास सुरक्षित भंडारण हेतु शेड निर्माण की मांग उठाई। इस पर जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य ने आश्वासन दिया कि सड़क मार्ग बहाल होते ही शेड निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।
समिति के अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र नारायण पांडेय ने कहा कि यह त्रासदी अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। केंद्र और राज्य सरकार, शासन और प्रशासन इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों तरह के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा और क्षति की भरपाई के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार कर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि क्षतिग्रस्त फसलों और सेब के वृक्षों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। सड़क मार्ग बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रभावित परिवारों को राहत धनराशि वितरित की जा चुकी है, साथ ही पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सर्च और रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा डॉ. आशीष चौहान और अपर सचिव हिमांशु खुराना ने कहा कि विस्थापन के लिए प्रभावित परिवारों को उपयुक्त विकल्प दिए जाएंगे, जिनके आधार पर आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी। क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का पूरा विवरण तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।