केंद्रीय कैबिनेट ने लखनऊ मेट्रो चरण-1बी को मंजूरी दी, 5,801 करोड़ की लागत से 11.165 किमी नेटवर्क का विस्तार
Go Back |
Yugvarta
, Aug 12, 2025 11:08 PM 0 Comments
0 times
0
times
New Delhi / Desk :
नई दिल्ली/लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना के चरण-1बी को मंजूरी दे दी है। 5,801 करोड़ रुपये के परिव्यय से बनने वाले इस चरण में 11.165 किलोमीटर लंबी नई मेट्रो लाइन और 12 मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। इसके शुरू होने के बाद लखनऊ में मेट्रो रेल नेटवर्क की कुल लंबाई 34 किलोमीटर हो जाएगी।
पुराने लखनऊ तक पहुंचेगी मेट्रो
चरण-1बी का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यह शहर के पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों को मेट्रो से जोड़ेगा, जहां अभी कुशल सार्वजनिक परिवहन का अभाव है। इस मार्ग पर अमीनाबाद, यहियागंज, पांडेगंज और चौक जैसे प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों के साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं, बड़ा और छोटा इमामबाड़ा, भूल भुलैया, क्लॉक टॉवर, रूमी दरवाजा जैसे ऐतिहासिक पर्यटन स्थल और शहर की मशहूर खाद्य गलियां शामिल होंगी।
यातायात और प्रदूषण में कमी
मेट्रो नेटवर्क के इस विस्तार से पुराने लखनऊ की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही सुगम होगी, यात्रा समय घटेगा और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा। साथ ही, पारंपरिक जीवाश्म ईंधन आधारित परिवहन की तुलना में कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
आर्थिक और सामाजिक फायदे
बेहतर कनेक्टिविटी से हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों तक पहुंच आसान होगी, जिससे कामकाजी लोगों की उत्पादकता बढ़ेगी और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नए मेट्रो स्टेशनों के आसपास निवेश और विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। यह परियोजना सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सार्वजनिक परिवहन तक समान पहुंच मिलेगी और विभिन्न सामाजिक-आर्थिक समूहों को लाभ होगा।
परिवर्तनकारी विकास की दिशा में कदम
लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना का चरण-1बी न केवल शहर के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देगा, बल्कि आर्थिक गतिविधि, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जीवन स्तर में सुधार में भी अहम भूमिका निभाएगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना आने वाले समय में लखनऊ के विकास और स्थायित्व के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।