यूएन में बोला भारत- मध्य-पूर्व की सुरक्षा, स्थिरता में हमारी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी

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Lucknow, 30 Apr, 2026 05:49 PM
यूएन में बोला भारत- मध्य-पूर्व की सुरक्षा, स्थिरता में हमारी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी

न्यूयॉर्क। भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने के प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र के मंच से ‘निंदनीय’ और ‘अस्वीकार्य’ करार दिया है।

भारत ने दोहराया कि इन हमलों से समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता बाधित हो रही है। इसके अलावा भारत ने मध्य-पूर्व क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए यह भी कहा कि मध्य-पूर्व की सुरक्षा एवं स्थिरता में हमारी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत योजना पटेल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में ‘मध्य-पूर्व की स्थिति’ पर भारत का पक्ष मजबूती से रखते हुए यह टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के दौरान विशेष तौर पर भारतीय नाविकों की जान जाने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।

पटेल ने किसी देश का नाम लेकर जिक्र नहीं किया, लेकिन उन्होंने ईरान की ओर इशारा करते हुए याद दिलाया कि भारत ने बहरीन द्वारा लाए गए एक परिषद प्रस्ताव का सह-प्रायोजन किया था, जिसमें तेहरान द्वारा अपने मध्य पूर्व के पड़ोसियों पर किए गए हमलों की ‘कड़ी शब्दों में’ निंदा की गई थी। उन्होंने कहा इस संदर्भ में यह उल्लेख करना आवश्यक है कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का सह-प्रायोजन किया था, जिसे 11 मार्च को अपनाया गया था। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने 29 अप्रैल को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर पटेल के संबोधन की एक वीडियो क्लिप साझा की। इसमें भारतीय राजनयिक ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से निर्बाध जहाजरानी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत को उस क्षेत्र से महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करता है, जिसके साथ उसकी व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाएं भौगोलिक रूप से जुड़ी हुई हैं, जिसके अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव पड़ते हैं।

उन्होंने आगे कहा लगभग 1 करोड़ भारतीय खाड़ी क्षेत्र में रहते और काम करते हैं और उनकी सुरक्षा एवं भलाई हमारे लिए एक प्रमुख प्राथमिकता है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा मध्य पूर्व हमारा निकटवर्ती पड़ोस है और इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में हमारी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। (रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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