शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले से सियासी तूफान, गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट; भाजपा का ममता सरकार पर तीखा हमला
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 11 Jan, 2026 09:01 PMकोलकाता | 11 जनवरी 2026 पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा सांसद शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कथित हमले के बाद राज्य की राजनीति में जबरदस्त उबाल आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुभेंदु अधिकारी के कार्यालय से पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। भाजपा का आरोप है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के समर्थकों ने जानबूझकर यह हमला किया। भाजपा नेताओं के मुताबिक, अधिकारी का कार्यालय घटना से जुड़े सभी तथ्यों और वीडियो फुटेज को एकत्र कर रहा है, जिसे जल्द ही गृह मंत्रालय को सौंपा जाएगा। पार्टी का कहना है कि यह हमला लोकतांत्रिक मूल्यों और विपक्ष की आवाज को दबाने की साजिश का हिस्सा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस बीच भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद न तो हमले के बाद एफआईआर दर्ज की गई और न ही तत्काल कार्रवाई हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस किसके इशारे पर काम कर रही है और किसे बचाने की कोशिश हो रही है। रवि शंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री से तीखे सवाल करते हुए कहा कि वह बताएं कि उन्हें क्या छुपाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूरा मामला शनिवार का बताया जा रहा है, जब पुरुलिया से लौटते समय शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों ने हमला किया। इसके विरोध में अधिकारी चंद्रकोना थाने में धरने पर बैठ गए और हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक कार्रवाई और जवाबदेही तय नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले से बंगाल की राजनीति गरमाई, गृह मंत्रालय ने तलब की रिपोर्ट पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा सांसद शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कथित हमले के बाद सियासी माहौल तनावपूर्ण हो गया है। मामले को गंभीर मानते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुभेंदु अधिकारी के कार्यालय से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि यह हमला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। भाजपा नेताओं के अनुसार, घटना से जुड़े सभी तथ्यों और वीडियो फुटेज को संकलित किया जा रहा है, जिन्हें जल्द ही गृह मंत्रालय को सौंपा जाएगा। पार्टी का कहना है कि विपक्षी नेताओं पर इस तरह के हमले लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। इस प्रकरण पर भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को घेरते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद एफआईआर दर्ज न होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है और हमलावरों को संरक्षण दिया जा रहा है। गौरतलब है कि शनिवार को पुरुलिया से लौटते समय शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला होने का आरोप लगा, जिसके बाद उन्होंने चंद्रकोना थाने में धरना दिया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। अधिकारी ने इसे राजनीतिक हिंसा बताते हुए जनता से कानून-व्यवस्था और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की।


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