1320 मेगावाट बिजली खरीद में किसी एक कंपनी को लाभ पहुंचाने का सवाल नहीं : आर. मीनाक्षी सुंदरम

प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बिजली खरीद प्रक्रिया को लेकर दी जानकारी, कहा—UERC की मंजूरी के बाद आगे बढ़ी प्रक्रिया; किसी एक कंपनी को लाभ पहुंचाने का सवाल नहीं

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 17 Sep, 2026 09:17 PM
1320 मेगावाट बिजली खरीद में किसी एक कंपनी को लाभ पहुंचाने का सवाल नहीं : आर. मीनाक्षी सुंदरम

देहरादून, 17 सितंबर। उत्तराखंड में प्रस्तावित 1320 मेगावाट थर्मल पावर की बिजली खरीद प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से उठाए गए सवालों के बीच प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि बिजली खरीद की प्रक्रिया निर्धारित नियमों, तकनीकी आवश्यकताओं, प्रतिस्पर्धी निविदा और उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) की स्वीकृति के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

प्रमुख सचिव ने कहा कि बिजली खरीद का उद्देश्य किसी एक कंपनी को लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि राज्य की दीर्घकालिक और बढ़ती बिजली आवश्यकता के लिए 1320 मेगावाट बेस-लोड बिजली की व्यवस्था करना है। अंतिम चयन प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के दौरान प्राप्त कुल टैरिफ के आधार पर किया जाएगा।

पांच कंपनियां RFQ चरण में योग्य

डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि यह कहना सही नहीं है कि बिजली खरीद का कार्य बिना प्रतिस्पर्धा के किसी एक कंपनी को दिया जा रहा है। Request for Quotation (RFQ) चरण में पांच कंपनियां योग्य पाई गई हैं। इसके बाद Request for Proposal (RFP) प्रक्रिया भी प्रतिस्पर्धी आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि अंतिम चयन बोली प्रक्रिया में प्राप्त कुल टैरिफ के आधार पर होगा। इस लिहाज से किसी एक कंपनी को पहले से लाभ पहुंचाने का प्रश्न नहीं उठता।

Model Bidding Document में बदलाव UERC की मंजूरी से

प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा वर्ष 2019 में जारी Model Bidding Document एक सामान्य मॉडल दस्तावेज है। अलग-अलग विद्युत परियोजनाओं में तकनीक, स्थान, ईंधन की उपलब्धता और परिवहन लागत जैसी परिस्थितियां अलग हो सकती हैं।

इसी कारण निविदा प्रक्रिया के दौरान बोलीदाताओं से प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का तकनीकी एवं व्यावहारिक परीक्षण किया गया। आवश्यक बदलावों को UERC के समक्ष रखा गया और आयोग द्वारा विचार-विमर्श के बाद संबंधित संशोधनों को मंजूरी दी गई।

देश में उपयुक्त स्थान पर संयंत्र लगाने का विकल्प

थर्मल पावर प्लांट के लिए बड़ी मात्रा में कोयले की आवश्यकता को देखते हुए निविदा में संयंत्र को देश में किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित करने का विकल्प रखा गया है। विभाग के अनुसार इसका उद्देश्य कंपनियों को ईंधन की उपलब्धता, परिवहन लागत और अन्य व्यावहारिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रतिस्पर्धी दर प्रस्तुत करने का अवसर देना है।

प्रमुख सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में संयंत्र स्थापित करने पर कोई रोक नहीं है। यदि कोई कंपनी राज्य में संयंत्र स्थापित कर प्रतिस्पर्धी दर पर बिजली उपलब्ध कराती है तो वह निर्धारित निविदा प्रक्रिया में भाग ले सकती है।

ट्रांसमिशन लागत पर भी दिया स्पष्टीकरण

बाहर के राज्य में बिजली संयंत्र स्थापित होने की स्थिति में ट्रांसमिशन लागत को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रमुख सचिव ने कहा कि बिजली उत्पादन स्थल से उत्तराखंड तक बिजली पहुंचाने के लिए आवश्यक ट्रांसमिशन व्यवस्था और उससे संबंधित लागत निविदा एवं टैरिफ की शर्तों के अनुसार निर्धारित होगी।

उन्होंने कहा कि केवल संयंत्र के दूसरे राज्य में स्थापित होने के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि पूरा अतिरिक्त खर्च उत्तराखंड के उपभोक्ताओं पर आएगा। उपभोक्ताओं पर वास्तविक वित्तीय प्रभाव का आकलन कुल बिजली टैरिफ के आधार पर किया जाएगा।

Fixed Charge की सीमा 70 से बढ़ाकर 75 प्रतिशत

डॉ. मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार, 2019 के Model Bidding Document में Fixed Charge की सीमा 70 प्रतिशत निर्धारित थी। UPCL की ओर से बोलीदाताओं की वास्तविक लागत, ईंधन की उपलब्धता और संभावित स्थानों की परिस्थितियों को देखते हुए इसे 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली की कीमत का निर्धारण केवल Fixed Charge से नहीं होता, बल्कि Fixed Charge और Variable/Fuel Cost को मिलाकर बनने वाले कुल टैरिफ के आधार पर किया जाता है। प्रस्तावित बदलाव को UERC के समक्ष रखा गया और आयोग ने परीक्षण एवं विचार-विमर्श के बाद इसे मंजूरी दी।

25 वर्षों में ₹1.60 से ₹1.66 लाख करोड़ के संभावित भुगतान का अनुमान

प्रमुख सचिव ने बताया कि 25 वर्षों में ₹1.60 लाख करोड़ से ₹1.66 लाख करोड़ के संभावित भुगतान का उल्लेख एकमुश्त भुगतान नहीं है। यह 25 वर्ष की अवधि में संभावित कुल भुगतान का अनुमान है। वास्तविक भुगतान अंतिम टैरिफ, बिजली की वास्तविक आपूर्ति, प्लांट की उपलब्धता और अनुबंध की अन्य शर्तों पर निर्भर करेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य की भविष्य की बिजली आवश्यकता का आकलन Central Electricity Authority (CEA) की Resource Adequacy Study के आधार पर किया गया है। इसी दीर्घकालिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 1320 मेगावाट बेस-लोड बिजली की व्यवस्था प्रस्तावित है।

पहली यूनिट 42 और दूसरी 48 महीने में उपलब्ध कराने का लक्ष्य

परियोजना से बिजली उपलब्ध कराने के लिए चरणबद्ध समयसीमा भी निर्धारित की गई है। इसके तहत पहली यूनिट के लिए 42 महीने और दूसरी यूनिट के लिए 48 महीने की समयसीमा रखी गई है। विभाग के अनुसार यह समयसीमा परियोजना निर्माण की तकनीकी और व्यावहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तय की गई है।

UJVNL-THDC संयुक्त उपक्रम के विकल्प पर भी हुआ था विचार

डॉ. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि राज्य की 1320 मेगावाट बिजली आवश्यकता को पूरा करने के लिए UJVNL और THDC के संयुक्त उपक्रम के विकल्प पर भी विचार किया गया था। हालांकि THDC, NTPC की सहायक कंपनी है और उसे NTPC की निर्धारित नीतियों का पालन करना होता है।

उन्होंने बताया कि THDC की मुख्य विशेषज्ञता जल विद्युत और Pumped Storage Projects में है। अन्य क्षेत्रों में विस्तार के लिए आवश्यक स्वीकृतियों की जरूरत होती है। इन परिस्थितियों में प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम को आगे नहीं बढ़ाया जा सका और इसके बाद प्रतिस्पर्धी निविदा के माध्यम से बिजली खरीद का विकल्प अपनाया गया।

UERC की निगरानी में आगे बढ़ रही प्रक्रिया

प्रमुख सचिव ऊर्जा ने कहा कि 1320 मेगावाट बिजली खरीद प्रक्रिया में बोलीदाताओं से प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण किया गया है। RFQ और RFP चरणों में प्रस्तावित आवश्यक बदलावों को UERC के समक्ष रखा गया और आयोग की स्वीकृति के बाद ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।

उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में तकनीकी परीक्षण, प्रतिस्पर्धी बोली, वित्तीय मूल्यांकन और नियामकीय स्वीकृति जैसे विभिन्न चरण शामिल हैं। उनके अनुसार अंतिम चयन भी प्रतिस्पर्धी बोली के आधार पर किया जाएगा और इसका उद्देश्य राज्य की भविष्य की बिजली आवश्यकता के लिए पर्याप्त एवं भरोसेमंद बेस-लोड बिजली सुनिश्चित करना है।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

#Uttarakhand #PowerPurchase #ThermalPower #UERC #UPCL #EnergyDepartment #Electricity


सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

moti2