उत्तराखंड SDRF को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र, यह उपलब्धि हासिल करने वाला देश का पहला आपदा प्रतिवादन बल बना
मानक संचालन प्रक्रियाओं, पारदर्शी दस्तावेजीकरण और गुणवत्ता प्रबंधन को मिली मान्यता; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों और जवानों को दी बधाई
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 23 Oct, 2026 09:59 AMदेहरादून, 23 अक्टूबर। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बल को ISO 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। जारी जानकारी के अनुसार, यह प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाला SDRF उत्तराखंड देश का पहला आपदा प्रतिवादन बल बन गया है। इस उपलब्धि को बल की कार्यकुशलता, अनुशासन, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) के अनुपालन और व्यवस्थित कार्यप्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में भूकंप, भूस्खलन, अतिवृष्टि, बादल फटने, बाढ़, हिमस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपात स्थितियों में SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में अहम भूमिका निभाती हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में बल की 40 से अधिक टीमें 24 घंटे राहत और बचाव कार्यों के लिए तत्पर रहती हैं।
सितंबर में हुआ ऑडिट, 8 अक्टूबर को मिला प्रमाणपत्र
ISO 9001:2015 प्रमाणन प्रक्रिया के तहत 23 से 25 सितंबर 2026 तक SDRF वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट में द्वितीय ऑडिट किया गया। इस दौरान भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के पूर्व वैज्ञानिक ‘G’ एवं उप महानिदेशक विष्णु गुप्ता ने सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी की उपस्थिति में विभिन्न शाखाओं और कार्यप्रणालियों का निरीक्षण किया।
ऑडिट के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था, प्रशिक्षण प्रणाली, संसाधन प्रबंधन, दस्तावेजीकरण, गुणवत्ता प्रबंधन और मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुपालन का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद 8 अक्टूबर 2026 को SDRF उत्तराखंड को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
गुणवत्ता प्रबंधन से मजबूत होगी बचाव कार्यों की तैयारी
ISO प्रमाणन से SDRF की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके माध्यम से कार्यों का मानकीकरण, अभिलेखों का बेहतर रखरखाव, जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण और प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
इस व्यवस्था से प्रशिक्षण, उपकरणों के रखरखाव, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग और रेस्क्यू अभियानों की तैयारियों को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है। साथ ही, कार्यप्रणाली में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।
चारधाम यात्रा से लेकर पर्वतीय रेस्क्यू तक अहम भूमिका
उत्तराखंड के दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों में SDRF की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। चारधाम यात्रा के कठिन पैदल मार्गों, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रेकर्स के रेस्क्यू, नदी-नालों में खोज एवं बचाव, सड़क दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बल की टीमें राहत कार्यों में जुटी रहती हैं।
इसके अलावा, धार्मिक आयोजनों, ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और रिवर राफ्टिंग के दौरान भी SDRF की टीमें आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहती हैं। ऐसे अभियानों में प्रशिक्षित कार्मिकों, संसाधनों के उचित प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने SDRF उत्तराखंड को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र मिलने पर बल के अधिकारियों और जवानों को बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह बल की कार्यकुशलता, अनुशासन और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि SDRF भविष्य में भी तत्परता, समर्पण और सेवाभाव के साथ राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम देती रहेगी।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और पुलिस महानिरीक्षक SDRF योगेंद्र सिंह रावत के मार्गदर्शन तथा सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व में बल की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन और बचाव प्रक्रियाओं को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
SDRF उत्तराखंड को मिला यह प्रमाणपत्र गुणवत्ता प्रबंधन, जवाबदेही और निरंतर सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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