उत्तराखण्ड की CMSSY योजना का अध्ययन करने पहुंची यूपी की टीम, 60 हजार श्रमिकों को मिल चुकी स्वास्थ्य जांच की सुविधा

बिना अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उत्तराखण्ड मॉडल को समझा; उत्तर प्रदेश में भी ऐसी व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा

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Lucknow, 17 Oct, 2026 05:20 PM
उत्तराखण्ड की CMSSY योजना का अध्ययन करने पहुंची यूपी की टीम, 60 हजार श्रमिकों को मिल चुकी स्वास्थ्य जांच की सुविधा

देहरादून। उत्तराखण्ड की मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (CMSSY) दूसरे राज्यों के लिए प्रेरणा बन रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग की एक टीम ने शनिवार को उत्तराखण्ड पहुंचकर योजना की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्था और क्रियान्वयन मॉडल का अध्ययन किया। उत्तर प्रदेश के अपर श्रम आयुक्त जुनैद के नेतृत्व में आई टीम ने उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रितों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तर प्रदेश की टीम ने योजना की रूपरेखा, पंजीकरण एवं सत्यापन प्रक्रिया, स्वास्थ्य जांच शिविरों के संचालन और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने की व्यवस्था को विस्तार से समझा।

60 हजार निर्माण श्रमिकों को मिली स्वास्थ्य जांच की सुविधा

बैठक में उत्तराखण्ड के श्रमायुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का ने उत्तर प्रदेश से आए अधिकारियों को CMSSY की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना का प्रमुख उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रितों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना, गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करना तथा जरूरत पड़ने पर उचित चिकित्सा परामर्श और रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

श्रमायुक्त के अनुसार, राज्य में उपलब्ध व्यवस्थाओं और संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए योजना का संचालन किया जा रहा है। बिना किसी अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के अब तक लगभग 60 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा से लाभान्वित किया जा चुका है। यह मॉडल सीमित अतिरिक्त संसाधनों में तकनीकी नवाचार, बेहतर प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के जरिए श्रमिक कल्याण सेवाओं का विस्तार करने का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

केवल जांच नहीं, गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान पर जोर

श्रमायुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का ने बताया कि मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य परीक्षण कराना नहीं है, बल्कि श्रमिकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करना और जरूरतमंद श्रमिकों को आवश्यक चिकित्सा सहायता से जोड़ना भी है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की यह पहल श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना की कार्यप्रणाली और नवाचारपूर्ण क्रियान्वयन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिलने की जानकारी दी गई।

उत्तर प्रदेश में भी लागू हो सकता है मॉडल

उत्तराखण्ड के भ्रमण के दौरान उत्तर प्रदेश की टीम ने योजना की तकनीकी संरचना, श्रमिकों के पंजीकरण एवं सत्यापन, स्वास्थ्य जांच शिविरों के संचालन, जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने, गंभीर बीमारियों की पहचान और संबंधित विभागों के साथ समन्वय की प्रक्रिया का अध्ययन किया।

टीम ने उत्तराखण्ड में अपनाई जा रही व्यवस्था के व्यावहारिक पहलुओं को समझने के साथ ही उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह की प्रणाली विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इस पहल से दोनों राज्यों के बीच श्रमिक कल्याण योजनाओं के अनुभव साझा करने, तकनीकी सहयोग बढ़ाने और बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणालियों को अपनाने के अवसर मजबूत होने की उम्मीद है।

बैठक में उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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