मियांवाला में ₹8.64 करोड़ से बना ‘जल सृष्टि पार्क’ बना देहरादून का नया आकर्षण, पुराने तालाब को मिला नया जीवन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया लोकार्पण, पेडल बोटिंग, आइलैंड, जॉगिंग ट्रैक, योगा डेक और चिल्ड्रन पार्क समेत कई सुविधाएं विकसित
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 18 Sep, 2026 08:47 PMदेहरादून, 18 सितंबर 2026। देहरादून के रायपुर क्षेत्र स्थित मियांवाला में विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ शहर के लोगों के लिए नए हरित और मनोरंजन स्थल के रूप में तैयार हो गया है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत करीब ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित इस पार्क का लोकार्पण शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया।
पुराने तालाब को समाप्त करने के बजाय उसका पुनर्जीवन कर विकसित किया गया यह पार्क जल संरक्षण, पर्यावरण, स्वास्थ्य, मनोरंजन और आधुनिक शहरी सुविधाओं को एक साथ जोड़ता है। मुख्यमंत्री ने इसे स्वच्छ, स्वस्थ और हरित देहरादून के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
पुराने तालाब को दिया नया जीवन
जल सृष्टि पार्क की सबसे खास विशेषता यहां मौजूद पुराने तालाब का पुनर्जीवन है। पार्क के विकास के दौरान जल स्रोत को संरक्षित रखते हुए उसके आसपास आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। तालाब के बीच में एक सुंदर आइलैंड बनाया गया है, जबकि आगंतुकों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
इससे पार्क केवल हरित क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को जलाशय और प्राकृतिक वातावरण के बीच मनोरंजन का अवसर भी देता है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पार्क के विकास से रायपुर क्षेत्र के लोगों को देहरादून में ही ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ का अनुभव मिल सकेगा।
जॉगिंग से योग और बच्चों के मनोरंजन तक सुविधाएं
एमडीडीए ने पार्क को अलग-अलग आयु वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है। यहां सुबह और शाम भ्रमण एवं दौड़ने के लिए जॉगिंग ट्रैक बनाया गया है। योग और स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए योगा डेक की व्यवस्था की गई है।
बच्चों के लिए अलग चिल्ड्रन पार्क विकसित किया गया है, जहां वे खेल और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। पार्क में एजुकेशनल फ्लावर गार्डन भी तैयार किया गया है, जिसमें विभिन्न फूलों और वनस्पतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
इसके अलावा पार्क में आकर्षक लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र और बैठने की सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे लोग परिवार के साथ समय बिता सकें।
जल संरक्षण और शहरी विकास का संगम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल और जंगल को जीवन का अभिन्न हिस्सा माना गया है। ऐसे में पुराने तालाबों और जल स्रोतों का पुनर्जीवन केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि अपनी विरासत और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास भी है।
उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ केवल कंक्रीट के ढांचे खड़े करना नहीं है। विकास का वास्तविक उद्देश्य लोगों का जीवन आसान बनाना, शहर को सुंदर बनाना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। जल सृष्टि पार्क को उन्होंने इसी सोच का उदाहरण बताया।
रायपुर क्षेत्र में सड़क, पेयजल और बाढ़ सुरक्षा पर भी काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों को गति दी जा रही है। सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम भी जारी है।
पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। पुरानी पाइपलाइनों को बदलने तथा नई पेयजल लाइनों के विस्तार का कार्य भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में हरित स्थानों के विकास के तहत डिफेंस कॉलोनी, सिंयावाला और नेहरू कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में पार्कों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए गए हैं।
सौंग डैम से देहरादून की पेयजल व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने देहरादून में बढ़ती आबादी के साथ पानी की बढ़ती जरूरत का उल्लेख करते हुए सौंग डैम परियोजना को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के आगे बढ़ने से भविष्य में देहरादून की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
वहीं, बरसात के दौरान बाढ़ और जलभराव की समस्या से राहत के लिए रायपुर क्षेत्र में नदियों और बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा एवं चैनलाइजेशन के कार्य भी किए जा रहे हैं।
पार्क को स्वच्छ रखना समाज की भी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय लोगों से पार्क को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार पार्क का निर्माण कर सकती है और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उसे लंबे समय तक स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखना समाज की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने बच्चों और युवाओं से पार्क का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे यहां खेलें, दौड़ें, योग करें और प्रकृति के बीच समय बिताएं, लेकिन साथ ही पार्क और जलाशय की देखभाल की जिम्मेदारी भी समझें।
देहरादून की हरियाली और प्राकृतिक पहचान को बनाए रखने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून अपनी हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता के लिए देशभर में जाना जाता है। ऐसे में शहर के विकास के साथ उसकी प्राकृतिक पहचान को बनाए रखना भी जरूरी है। सरकार का प्रयास है कि आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो, लेकिन पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।
जल सृष्टि पार्क इसी दृष्टिकोण के तहत विकसित किया गया है, जहां पुराने जल स्रोत के संरक्षण को आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ जोड़ा गया है। जॉगिंग ट्रैक, योगा डेक, चिल्ड्रन पार्क, एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था, आइलैंड और पेडल बोटिंग जैसी सुविधाएं इसे रायपुर क्षेत्र के एक बहुआयामी सार्वजनिक स्थल के रूप में स्थापित करती हैं।
कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, मेयर सौरभ थपलियाल, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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