उत्तराखंड के 5 जिलों में कल ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी; धामी सरकार अलर्ट

30 अक्टूबर को नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में खराब मौसम की आशंका, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने अधिकारियों को दिए सतर्कता बरतने के निर्देश

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Lucknow, 29 Oct, 2026 08:40 PM
उत्तराखंड के 5 जिलों में कल ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी; धामी सरकार अलर्ट

देहरादून, 29 अक्टूबर। उत्तराखंड में मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को प्रदेश के पांच जनपदों नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना भी व्यक्त की गई है।

मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने संबंधित जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने तथा संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी सचिव से बात कर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी सुरक्षात्मक उपाय करने को कहा है।

चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता के निर्देश

सचिव विनोद कुमार सुमन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब मौसम या किसी संभावित खतरे की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए। संबंधित अधिकारी यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखें और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक निर्णय लें।

उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। जिला स्तर पर तैनात आपदा प्रबंधन अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को अलर्ट रहने तथा किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

भूस्खलन और सड़कें बंद होने की आशंका, मशीनरी तैयार रखने के निर्देश

पर्वतीय क्षेत्रों में खराब मौसम के दौरान भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन और अन्य संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक मशीनरी एवं संसाधन तैयार रखने को कहा गया है।

सचिव ने निर्देश दिए कि सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर यातायात बहाल करने का प्रयास करें, ताकि आमजन और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही के दौरान भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

राहत एवं बचाव दलों को किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

लोगों से अपील: खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें

आपदा प्रबंधन विभाग ने आमजन से मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों, जलधाराओं तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

किसी भी आपात स्थिति या आपदा संबंधी घटना की सूचना राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर दी जा सकती है।

सचिव विनोद कुमार सुमन ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तत्परता से कार्य करने और किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ओलावृष्टि से प्रभावित लोगों को जल्द मिलेगी सहायता, प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश

बैठक में ओलावृष्टि से हुए नुकसान और प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने के विषय पर भी चर्चा की गई। सचिव विनोद कुमार सुमन ने संबंधित जनपदों को नुकसान के आकलन के आधार पर आवश्यक मांग एवं प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए यदि अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता है, तो मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता के लिए औपचारिक प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत किए जाएं। इसके साथ ही रिकवरी एंड रिकंस्ट्रक्शन के अंतर्गत पुनर्बहाली कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि की मांग भी जल्द भेजने को कहा गया।

सचिव के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने प्रस्ताव भेजने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए प्रभावितों को जल्द सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों और ओलावृष्टि से हुए नुकसान के आकलन के आधार पर पुनर्बहाली की कार्रवाई में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।

चीड़बासा में पत्थर गिरने की समस्या के समाधान के लिए मांगा प्रस्ताव

बैठक में चीड़बासा क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की समस्या पर भी चर्चा हुई। यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सचिव ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए।

उन्होंने विशेष रूप से पत्थर गिरने से बचाव के लिए सुरक्षा जाल (नेटिंग) लगाने संबंधी प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत करने को कहा, ताकि आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद सुरक्षा उपायों पर आगे की कार्रवाई की जा सके।

बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, मोहित माथुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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