उत्तराखंड में 28 नवंबर को मनेगा आपदा प्रबंधन दिवस, 8 से 10 स्थानों पर होंगी मॉक ड्रिल

25 से 28 नवंबर तक प्रदेशभर में चलेंगे जागरूकता, प्रशिक्षण और सुरक्षा अभियान; ग्राम पंचायत से राज्य स्तर तक होगी तैयारियों की समीक्षा

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 3 Nov, 2026 07:31 PM
उत्तराखंड में 28 नवंबर को मनेगा आपदा प्रबंधन दिवस, 8 से 10 स्थानों पर होंगी मॉक ड्रिल

देहरादून। उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने और आमजन को आपदाओं से निपटने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से अब प्रतिवर्ष 28 नवंबर को ‘आपदा प्रबंधन दिवस’ मनाया जाएगा। इस वर्ष 25 से 28 नवंबर तक प्रदेशभर में विभिन्न जागरूकता, प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य आयोजन 28 नवंबर को होगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में सभी विभागों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और संबंधित संस्थानों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि आपदा प्रबंधन दिवस के कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित न रहें, बल्कि इनके माध्यम से सरकारी तंत्र से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक आपदा से निपटने की व्यावहारिक क्षमता विकसित की जाए। कार्यक्रमों में पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी, राहत एवं बचाव कार्यों और सामुदायिक सहभागिता पर विशेष जोर रहेगा।

सिल्क्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन की याद में चुनी गई 28 नवंबर की तारीख

आपदा प्रबंधन दिवस के लिए 28 नवंबर की तारीख चुनने के पीछे उत्तरकाशी के सिल्क्यारा सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन की ऐतिहासिक सफलता प्रमुख वजह है। वर्ष 2023 में सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विशेषज्ञों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक बचाव अभियान चलाया था। 28 नवंबर 2023 को सभी 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।

इस अभियान ने आपदा के समय आधुनिक तकनीक, बेहतर समन्वय, धैर्य और सामूहिक प्रयासों के महत्व को प्रदर्शित किया। इसी उपलब्धि की स्मृति और उत्तराखंड की आपदा संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिवर्ष 28 नवंबर को आपदा प्रबंधन दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के अनुसार, मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन मंत्री के निर्देशों के क्रम में आयोजन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके लिए सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

सरकारी कार्यालयों में होगी आपदा सुरक्षा की जांच

मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कार्यालयों, निगमों, निकायों और संस्थानों को अपने भवनों में संभावित आपदाओं एवं खतरों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक कार्यालय में विभागाध्यक्ष या कार्यालयाध्यक्ष की ओर से 3 से 5 सदस्यों की समिति गठित की जाएगी।

यह समिति आग लगने, बिजली से दुर्घटना, भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, भवन क्षतिग्रस्त होने और पेड़ गिरने जैसे संभावित खतरों का आकलन करेगी। साथ ही अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, वैधता और कार्यशीलता, प्रत्येक मंजिल पर उनकी व्यवस्था, पानी की उपलब्धता तथा कर्मचारियों को उपकरणों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिए जाने की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।

हर जिले में 8 से 10 स्थानों पर होगी मॉक ड्रिल

25 से 27 नवंबर के बीच प्रत्येक जिले में एक दिन कम से कम 8 से 10 स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसके लिए अस्पतालों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, पावर प्रोजेक्ट, सुरंगों, बड़े संस्थानों और भीड़भाड़ वाले स्थानों का चयन किया जाएगा।

28 नवंबर को सभी जिला मुख्यालयों में मुख्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें पारंपरिक और आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी लगाकर उनकी उपयोगिता और संचालन की जानकारी दी जाएगी।

तहसील स्तर पर जुड़ेंगे 50 से 100 स्वयंसेवक

तहसील स्तर पर भी जागरूकता, प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन विभाग, आपदा मित्र, युवा आपदा मित्र, आपदा सखी, भूतपूर्व सैनिक, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, भारत स्काउट एवं गाइड, मेरा युवा भारत, स्वयं सहायता समूह और रेडक्रॉस से जुड़े कम से कम 50 से 100 सदस्यों को शामिल किया जाएगा।

स्कूलों में मॉक ड्रिल और प्रतियोगिताओं से जागरूक होंगे विद्यार्थी

शिक्षा विभाग को 25 से 27 नवंबर के बीच 100 से अधिक विद्यार्थियों वाले विद्यालयों में सुविधानुसार एक दिवसीय मॉक ड्रिल आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन विभाग, सेना, आईटीबीपी, एसएसबी और अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

वहीं, 28 नवंबर को विद्यालयों में आपदा प्रबंधन विषय पर निबंध, वाद-विवाद, पोस्टर, स्लोगन और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आपदा के दौरान सुरक्षित रहने और दूसरों की सहायता करने के तरीकों से परिचित कराना है।

अस्पतालों और पावर हाउस में भी परखी जाएगी तैयारी

स्वास्थ्य विभाग को सरकारी एवं निजी अस्पतालों में आंतरिक और बाहरी आपदा जोखिमों का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में आग, शॉर्ट सर्किट, बाढ़, भूकंप और रासायनिक एवं जैविक आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा होगी। सुरक्षित एकत्रीकरण स्थल, आपातकालीन निकासी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी जांची जाएगी।

ऊर्जा विभाग को सभी पावर हाउस में संभावित आपदा जोखिमों का आकलन कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने तथा 28 नवंबर को प्रत्येक पावर हाउस में मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पशुधन सुरक्षा और वनाग्नि रोकथाम पर भी रहेगा फोकस

आपदा प्रबंधन दिवस के तहत पशुधन की सुरक्षा को भी विशेष महत्व दिया गया है। पशुपालन विभाग पशुओं की सुरक्षित निकासी, वैकल्पिक आश्रय स्थलों और चारे के आपातकालीन भंडारण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा।

वहीं, वन विभाग वन कर्मियों, फायर वॉचरों और वन पंचायतों को वनाग्नि की रोकथाम एवं नियंत्रण का व्यावहारिक प्रशिक्षण देगा। अग्निशमन विभाग को बड़े प्रतिष्ठानों का सुरक्षा ऑडिट करने और उपलब्ध राहत एवं बचाव उपकरणों की कार्यशीलता का सत्यापन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

राज्य स्तर पर लगेगी राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी

28 नवंबर को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिल्क्यारा सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता और उससे मिले अनुभवों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही आपदा के दौरान इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक एवं आधुनिक राहत-बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें उपकरणों की उपलब्धता, उपयोगिता और संचालन की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा विकासखंड स्तर पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठकें, जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, जनसंपर्क अभियान और प्राथमिक उपचार एवं खोज-बचाव का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

प्रदेशव्यापी इस आयोजन के जरिए उत्तराखंड सरकार का जोर आपदा आने के बाद राहत पहुंचाने के साथ-साथ आपदा से पहले तैयारी, जोखिम में कमी और स्थानीय समुदायों को सक्षम बनाने पर रहेगा।


सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.