विकसित भारत 2047 के निर्माण में युवाओं की होगी निर्णायक भूमिका: मुख्यमंत्री धामी
यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में 4,795 विद्यार्थियों को प्रदान की जा रहीं उपाधियां, छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से किया सम्मानित
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 22 Oct, 2026 02:38 PMदेहरादून, 22 अक्टूबर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प साकार होगा। उन्होंने युवाओं से अपनी शिक्षा और कौशल का उपयोग देश एवं समाज की प्रगति के लिए करने तथा रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजन करने वाला बनने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री गुरुवार को देहरादून के बिधौली स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) के 24वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया। विश्वविद्यालय के इस दीक्षांत समारोह में कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं।
मेहनत, विनम्रता और संस्कार ही बनाते हैं व्यक्ति की असली पहचान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है। विश्वविद्यालय से निकलने के बाद उनके सामने जीवन की वास्तविक चुनौतियां होंगी, जिनका सामना उन्हें अपने ज्ञान, कौशल, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने और अपने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी लगन से प्रयास करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल उपलब्धियों और पदों से निर्धारित नहीं होती, बल्कि व्यक्ति के व्यवहार, विनम्रता और संस्कार भी उसकी वास्तविक पहचान तय करते हैं। दूसरों की सहायता करने और समाज के लिए अच्छे कार्य करने से जीवन में वास्तविक खुशी एवं संतुष्टि मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और क्षमताओं का उपयोग जनकल्याण तथा राष्ट्र निर्माण के लिए करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने यूपीईएस की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने पिछले दो दशकों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा एवं उपलब्धियों से उत्तराखंड और भारत का नाम रोशन करेंगे।
विकसित भारत 2047 के सपने को पूरा करेंगे युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस महत्वाकांक्षी संकल्प को पूरा करने में देश के युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। युवाओं की ऊर्जा, नवाचार, वैज्ञानिक सोच और कार्यक्षमता भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम योगदान देंगे।
उन्होंने हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह भागीदारी दर्शाती है कि उत्तराखंड के युवा सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति जागरूक हैं तथा देश के भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच रखते हैं।
एआई, डेटा साइंस और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल तकनीक का है। इन क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलाव युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों के समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है। इसके अलावा, युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार देने वाला बनाना भी है। इसी दिशा में प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं के नए विचारों को आगे बढ़ाने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं।
पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से राज्य के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपनी प्रतिभा के अनुरूप अवसर मिलें और वे अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के साथ प्रदेश के विकास में भी योगदान दें।
विद्यार्थियों और उनके परिजनों से मिले मुख्यमंत्री
दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों के परिजनों से भी मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद किया और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यार्थी और उनके परिजन उत्साहित नजर आए।
4,795 विद्यार्थियों को मिल रहीं उपाधियां
यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 विद्यार्थी और यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थी शामिल हैं।
कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय, प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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