बागेश्वर में 19.30 करोड़ से बनेगा राज्य अतिथि गृह, पहाड़ी वास्तुशैली में दिखेगी स्थानीय पहचान
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रस्तावित निर्माण योजना की समीक्षा की, डोरमेट्री में 20 लोगों की क्षमता और बेहतर सुविधाएं विकसित करने के निर्देश
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 24 Aug, 2026 08:04 PMदेहरादून, 24 अगस्त। बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह को स्थानीय पहाड़ी वास्तुशैली और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय के साथ विकसित किया जाएगा। सोमवार को सचिव राज्य संपत्ति एवं आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के निर्माण की योजना की समीक्षा की। विभागीय व्यय वित्त समिति की बैठक में 19.30 करोड़ रुपये (₹1,930.11 लाख) के संस्तुत विस्तृत आगणन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, बागेश्वर की ओर से प्रस्तावित निर्माण योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। सचिव ने प्रस्तुतीकरण के बाद अधिकारियों को भवन की डिजाइन, उपयोगिता और सुविधाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पहाड़ी वास्तुशैली में बनेगा अतिथि गृह
सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह का भवन आकर्षक स्थानीय पहाड़ी वास्तुशैली पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि सरकारी भवन केवल उपयोगिता तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उनमें संबंधित क्षेत्र की स्थानीय पहचान, संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने भवन के प्रवेश द्वार और मुख्य भवन पर राज्य अतिथि गृह का लोगो एवं साइनेज स्पष्ट, आकर्षक और प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण में आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय परिवेश और वास्तुशैली का संतुलित समावेश किया जाए।
डोरमेट्री में 20 लोगों की क्षमता
बैठक में अतिथि गृह में प्रस्तावित डोरमेट्री की क्षमता पर भी चर्चा हुई। सचिव ने डोरमेट्री को 20 व्यक्तियों की क्षमता के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उपलब्ध अतिरिक्त क्षेत्रफल का बेहतर उपयोग करते हुए वहां एक स्टोर कक्ष प्रस्तावित करने को कहा गया।
उन्होंने कार्यदायी संस्था को बैठक में दिए गए सभी सुझावों और आवश्यक संशोधनों को कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए। संशोधित प्रस्ताव तैयार कर शासन के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।
गुणवत्ता और स्थानीय पहचान पर जोर
सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप राज्य में सरकारी परिसंपत्तियों के निर्माण में गुणवत्ता, उपयोगिता और स्थानीय परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जा रही है। बागेश्वर का प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह केवल आवासीय सुविधा न होकर क्षेत्र की स्थानीय पहचान और पहाड़ी वास्तुशैली को प्रदर्शित करने वाला भवन बने, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि भवन में आने वाले अतिथियों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के साथ उपलब्ध भूमि और क्षेत्रफल का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। निर्माण योजना में उपयोगिता, गुणवत्ता और स्थानीय वास्तुशैली के बीच बेहतर समन्वय होना जरूरी है।
बैठक में अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी अभिषेक रुहेला, संयुक्त सचिव राज्य संपत्ति विभाग सुरेंद्र सिंह रावत, नियोजन विभाग के प्रतिनिधि अयाज अहमद तथा कार्यदायी संस्था की ओर से अधिशासी अभियंता ऋषिराज वर्मा उपस्थित रहे। बैठक में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह से जुड़े विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और उपयोगिता संबंधी पहलुओं पर चर्चा की गई।



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