उत्तराखंड में 190 मदरसों को अक्टूबर अंत तक मान्यता देने की तैयारी
मंत्री खजान दास ने विभागीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, समय पर योजनाएं पूरी करने और अप्रयुक्त धनराशि लौटाने को कहा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 13 Oct, 2026 08:20 PMदेहरादून। उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता प्रक्रिया और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की विकास योजनाओं को लेकर सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक कर मदरसों की मान्यता, निर्माणाधीन योजनाओं और बजट के उपयोग की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
अक्टूबर के अंत तक करीब 190 मदरसों को मान्यता का लक्ष्य
मंत्री खजान दास ने बताया कि 452 मदरसों के संबंध में चल रही कार्रवाई के बाद 35 मदरसों को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से मान्यता दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 76 मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता मिल चुकी है।
उन्होंने कहा कि 114 मदरसों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। इन मदरसों को अक्टूबर 2026 के अंत तक शिक्षा विभाग से मान्यता मिलने की उम्मीद है। मंत्री के अनुसार, इस प्रक्रिया के पूरा होने पर कुल मिलाकर लगभग 190 मदरसों को अक्टूबर के अंत तक मान्यता मिल सकती है।
खजान दास ने यह भी बताया कि 227 मदरसे बंद हो चुके हैं। यदि ये मदरसे अक्टूबर के अंत तक आवेदन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
15 दिसंबर से पहले पूरी हों विकास योजनाएं
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन जनकल्याणकारी योजनाओं को 15 दिसंबर 2026 से पहले हर हाल में पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों कराया जाना प्रस्तावित है।
उन्होंने उन योजनाओं पर भी प्राथमिकता से काम करने को कहा, जिनका शिलान्यास 15 नवंबर 2026 से पहले किया जाना है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जाएं, ताकि शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम समय पर हो सकें।
अप्रयुक्त धनराशि वापस करने के निर्देश
बैठक में बजट के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया। खजान दास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी की जा चुकी है, लेकिन उसका उपयोग नहीं हुआ है, वहां नियमानुसार अप्रयुक्त धनराशि वापस की जाए। उन्होंने कहा कि इस राशि का इस्तेमाल प्रदेश की अन्य प्रस्तावित विकास योजनाओं में किया जा सकेगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
विभागीय समीक्षा बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, निदेशक दीप्ति सिंह, अपर सचिव विक्रम सिंह यादव, उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
#उत्तराखंड #खजानदास #मदरसा_मान्यता #अल्पसंख्यक_कल्याण #पुष्करसिंहधामी



No Previous Comments found.