उत्तराखंड : 10,709 निर्माण श्रमिकों के खातों में पहुंची 18.49 करोड़ रुपये की सहायता राशि, सीएम धामी ने किया डीबीटी हस्तांतरण

स्वास्थ्य जांच में बीमारी सामने आने वाले श्रमिकों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश, त्योहारी सीजन में योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर

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Lucknow, 19 Sep, 2026 02:52 PM
उत्तराखंड : 10,709 निर्माण श्रमिकों के खातों में पहुंची 18.49 करोड़ रुपये की सहायता राशि, सीएम धामी ने किया डीबीटी हस्तांतरण

देहरादून, 19 सितंबर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 10,709 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 18 करोड़ 49 लाख रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिक राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। सरकार का प्रयास है कि श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिले।

बीमारी की पहचान होने पर उपचार की भी हो व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र श्रमिक परिवार तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि स्वास्थ्य जांच के दौरान जिन श्रमिकों में किसी बीमारी की पहचान हुई है, उनके उपचार की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, परिवारों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाया जाना चाहिए। साथ ही, योजनाओं के क्रियान्वयन में पात्रता सत्यापन, पारदर्शिता और जनपदवार कवरेज की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

10,709 लाभार्थियों को मिली सहायता

कार्यक्रम में बताया गया कि वर्तमान डीबीटी के तहत विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि प्रदान की गई। इनमें प्रसूति एवं प्रसविधा सहायता के 95, मृत्युपरांत सहायता के 177, पुत्री विवाह सहायता के 2,354 और शिक्षा सहायता के 8,083 लाभार्थी शामिल हैं। इन सभी योजनाओं के तहत कुल 10,709 लाभार्थियों के खातों में 18.49 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में सभी विभाग अपनी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसुविधा और जनसेवा के कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र श्रमिक परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।

83,319 कल्याणकारी किट वितरित

बैठक में उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए संचालित समेकित कल्याण मॉडल की प्रगति की जानकारी दी गई। बताया गया कि अब तक 33,429 शिक्षण सामग्री किट, 26,674 स्वच्छता सामग्री किट और 23,216 पोषाहार किट वितरित किए जा चुके हैं। इस तरह कुल 83,319 किट श्रमिक परिवारों तक पहुंचाई गई हैं।

श्रमिक स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक 20,527 स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और 2,32,281 स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने की जानकारी भी दी गई।

LCCMS के जरिए सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत वृद्धि

प्रस्तुतीकरण के दौरान Labour Cess Collection Management System (LCCMS) की प्रगति से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस डिजिटल प्रणाली को वर्ष 2025 में ई-गवर्नेंस श्रेणी में SKOCH Gold Award से सम्मानित किया गया। भारत सरकार के स्तर पर भी इसकी सराहना की गई और इसे Best Practices Compendium में शामिल किया गया है।

LCCMS के माध्यम से अब तक 21,200 प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली को देशभर में अपनाए जाने योग्य डिजिटल गवर्नेंस मॉडल के रूप में भी प्रस्तुत किया गया है।

मोबाइल मेडिकल यूनिट से कार्यस्थल पर स्वास्थ्य सेवाएं

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से श्रमिकों में गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने में मदद मिली है।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार सम्मेलन में उत्तराखंड की श्रमिक स्वास्थ्य योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने भी इस मॉडल को अपने राज्यों में अपनाने में रुचि दिखाई।

मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से श्रमिकों को कार्यस्थल पर ही स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसे विस्तार योग्य और अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी, सचिव प्रकाश चन्द्र दुम्का सहित श्रम विभाग और बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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