उत्तराखंड में ₹1.01 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग, भ्रामक खबरों पर सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे का जवाब
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 के निवेश प्रस्तावों की प्रगति का पूरा ब्योरा सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध, ₹24 हजार करोड़ के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 18 Oct, 2026 11:35 PMदेहरादून। उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 के तहत हुए निवेश समझौतों और उनकी धरातलीय प्रगति को लेकर सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच सचिव उद्योग एवं सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडे ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक ₹1.01 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है और निवेश से संबंधित परियोजनाओं का विवरण सरकारी पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। उन्होंने तथ्यों की पूरी जानकारी के बिना निवेश को लेकर भ्रामक धारणाएं बनाने पर आपत्ति जताई।
सचिव उद्योग ने यह भी बताया कि लगभग ₹24 हजार करोड़ के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी चल रही है। इसके लिए जल्द ही चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी।
₹3.56 लाख करोड़ के एमओयू पर हुए थे हस्ताक्षर
विनय शंकर पांडे ने बताया कि दिसंबर 2023 में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान लगभग ₹3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने चरणबद्ध तरीके से काम किया और समय-समय पर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित कीं।
उन्होंने कहा कि निवेशकों को परियोजनाएं शुरू करने में आने वाली प्रक्रियागत समस्याओं के समाधान के लिए निवेश मित्रों की व्यवस्था की गई। निवेश मित्रों ने उद्यमियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग किया।
सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध है निवेश का पूरा विवरण
सचिव उद्योग ने कहा कि निवेश से संबंधित आंकड़े उद्योग विभाग, यूके स्पाइस और सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इन पोर्टल पर परियोजनाओं, संबंधित विभागों और उनके स्थान सहित आवश्यक विवरण दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि निवेश को लेकर इसी तरह के सवाल लगभग आठ महीने पहले भी सोशल मीडिया पर उठाए गए थे, जिनका तथ्यों के आधार पर जवाब दिया गया था। सरकार ने सदन में भी समय-समय पर निवेश की स्थिति स्पष्ट की है। ऐसे में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों की अनदेखी कर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप बनाई गई औद्योगिक नीति
विनय शंकर पांडे ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां दूसरे राज्यों से अलग हैं। प्रदेश का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जबकि भारी उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं मुख्य रूप से देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में अधिक हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप राज्य की औद्योगिक नीतियां तैयार की गई हैं। इनका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखते हुए निवेश आकर्षित करना तथा रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
छोटे कारोबारियों के निवेश को कमतर आंकना गलत
छोटे उद्यमियों और स्थानीय निवेशकों के योगदान पर उठाए जा रहे सवालों पर सचिव उद्योग ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि आटा चक्की, मोबाइल की दुकान या अन्य छोटे व्यवसायों को निवेश की श्रेणी में शामिल करने पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई स्थानीय व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से ₹10 हजार का निवेश कर छोटा व्यवसाय शुरू करता है और उससे दो लोगों को रोजगार मिलता है, तो उसका योगदान भी राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि निवेश का महत्व केवल उसकी राशि से तय नहीं होता, बल्कि यह भी देखा जाना चाहिए कि उससे कितने लोगों को रोजगार और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर मिलते हैं। छोटे कारोबारियों के प्रयासों पर कटाक्ष करना उनके परिश्रम और आत्मनिर्भर बनने की भावना का अपमान है।
बड़े उद्योगों के साथ स्थानीय उद्यमियों को भी प्रोत्साहन
सचिव उद्योग ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट निर्देश है कि राज्य में बड़े उद्योगपतियों से लेकर छोटे व्यवसायियों तक सभी को सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए। स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और उनके लिए अनुकूल कारोबारी वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए विदेशों के साथ-साथ देश के प्रमुख महानगरों में भी रोड शो आयोजित किए गए थे। इसके अतिरिक्त गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों सहित प्रदेश के सभी जनपदों में निवेश सम्मेलनों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को भी आमंत्रित किया गया।
सरकार का उद्देश्य बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ छोटे उद्योगों, स्वरोजगार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना भी है।
₹24 हजार करोड़ के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी
आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए विनय शंकर पांडे ने कहा कि लगभग ₹24 हजार करोड़ के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी की जा रही है। इससे संबंधित विवरण भी सिंगल विंडो सिस्टम पर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी।
उन्होंने मीडिया और संबंधित पक्षों से अपील की कि वे निवेश परियोजनाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करें, उद्यमियों से संवाद स्थापित करें और धरातल पर हुए कार्यों का आकलन उपलब्ध तथ्यों के आधार पर करें।
सचिव उद्योग ने कहा कि उत्तराखंड सरकार निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने, उद्यमियों को आवश्यक सहयोग देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। निवेश की वास्तविक स्थिति का आकलन सार्वजनिक आंकड़ों और परियोजनाओं की धरातलीय प्रगति के आधार पर किया जाना चाहिए।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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