उत्तराखंड : रतूड़ा में ₹48.84 करोड़ से बनेगा राज्य अतिथि गृह, रेसकोर्स में ₹28.07 करोड़ से 48 नए आवास
राज्य संपत्ति विभाग की परियोजनाओं में आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर, स्थानीय वास्तुशैली और कम रखरखाव लागत को भी दी जा रही प्राथमिकता
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 9 Sep, 2026 07:00 PMदेहरादून, 9 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड में सरकारी परिसंपत्तियों को आधुनिक, उपयोगी और पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप देने की दिशा में राज्य संपत्ति विभाग ने अपनी योजनाओं को गति दी है। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई दो महत्वपूर्ण बैठकों में रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह और देहरादून के रेसकोर्स स्थित ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी में 48 नए श्रेणी-3 आवासों की निर्माण कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
रतूड़ा में ₹48.84 करोड़ से बनेगा राज्य अतिथि गृह
रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के लिए ₹4884.20 लाख यानी करीब ₹48.84 करोड़ का विस्तृत आगणन तैयार किया गया है। सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने परियोजना की समीक्षा करते हुए इसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया।
प्रस्तावित अतिथि गृह के कॉन्फ्रेंस हॉल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें मजबूत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था, बड़े आकार के फ्लैट टीवी और अन्य आवश्यक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि पर्वतीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठकों और संवाद के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
निर्माण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर
रतूड़ा परियोजना में पर्यावरणीय मानकों के पालन को भी प्राथमिकता दी गई है। सचिव ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप निर्माण स्थल की नदी से न्यूनतम 200 मीटर दूरी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही नियमानुसार प्रमाण-पत्र अभिलेखों में संलग्न करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य अतिथि गृह के प्रस्तावित स्वरूप के अनुरूप मुख्य प्रवेश द्वार और केंद्रीय भवन पर आकर्षक एवं बड़े आकार का लोगो स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रेसकोर्स में ₹28.07 करोड़ से बनेंगे 48 नए आवास
देहरादून के रेसकोर्स स्थित ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी में पुराने जर्जर भवनों को हटाने के बाद रिक्त भूमि पर ₹2807.21 लाख यानी करीब ₹28.07 करोड़ की लागत से 48 नए श्रेणी-3 आवासीय भवन प्रस्तावित हैं।
परियोजना का उद्देश्य सरकारी कार्मिकों की आवासीय आवश्यकताओं को पूरा करना है। सचिव ने निर्देश दिए कि भवनों के बाहरी हिस्से में ऐसी निर्माण सामग्री और फिनिशिंग का इस्तेमाल किया जाए, जिसकी अनुरक्षण लागत कम हो और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता न पड़े। इससे निर्माण के साथ भविष्य में होने वाले रखरखाव खर्च को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
ग्रीन बिल्डिंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर फोकस
रेसकोर्स आवासीय परियोजना में ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक कॉलोनी के बाहर उसका नाम स्पष्ट और आकर्षक रूप में प्रदर्शित करने के लिए अलग-अलग डिजाइन और फॉर्मेट तैयार करने को कहा गया है।
स्थानीय वास्तुशैली को मिलेगी प्राथमिकता
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रदेश में आवासीय एवं राज्य संपत्ति से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में स्थानीय वास्तुशैली को प्राथमिकता दी जा रही है। संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पहाड़ से राजधानी तक आधुनिक सरकारी परिसंपत्तियों पर जोर
राज्य संपत्ति विभाग की इन दोनों परियोजनाओं में आधुनिक सुविधाओं, पर्यावरणीय संतुलन, कम रखरखाव लागत और दीर्घकालिक उपयोगिता को प्रमुखता दी गई है। रतूड़ा का प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह जहां पर्वतीय क्षेत्र में आधुनिक प्रशासनिक एवं आवासीय सुविधा विकसित करने की दिशा में कदम है, वहीं रेसकोर्स में प्रस्तावित 48 आवास सरकारी कार्मिकों के लिए व्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल आवासीय परिसर उपलब्ध कराने की योजना है।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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