धामी कैबिनेट के 26 बड़े फैसले, 7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी

खिलाड़ियों को मुफ्त रोडवेज सफर, SC-ST छात्रों को 8 लाख रुपये की आय सीमा तक फ्री कोचिंग, दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में राहत; महिलाओं के कल्याण और विकास कार्यों पर भी जोर

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Lucknow, 23 Oct, 2026 07:42 AM
धामी कैबिनेट के 26 बड़े फैसले, 7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में करीब 26 प्रस्तावों पर मुहर लगने की जानकारी सामने आई है। बैठक में आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी देने के साथ शिक्षा, खेल, सामाजिक कल्याण, पर्यटन, ऊर्जा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा, SC-ST विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क कोचिंग की आय सीमा बढ़ाने और दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में राहत देने जैसे कदम शामिल हैं।

खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को बड़ी राहत

कैबिनेट ने राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर पदक या पुरस्कार प्राप्त करने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही ‘एक जिला, एक खेल’ योजना के तहत 14 मुख्य खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ किया गया है। इससे प्रदेश में खेल प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना की पात्रता में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। इसके तहत परिवार की वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है। इससे अधिक विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए योजना का लाभ उठा सकेंगे।

दिव्यांग विद्यार्थियों को भी राहत देते हुए उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में निर्धारित श्रेणियों के विद्यार्थियों के लिए उत्तीर्णांक में पांच प्रतिशत की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। संबंधित प्रावधानों के तहत पात्र विद्यार्थियों को 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण माना जा सकेगा।

हरिद्वार में दो निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना

उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हरिद्वार में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएसएम विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी है। इसके अतिरिक्त, ऊधम सिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को हाईस्कूल स्तर तक उच्चीकृत करने का फैसला भी लिया गया।

पीएम पोषण योजना के तहत हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केंद्रीकृत रसोई स्थापित करने के लिए अन्नामृत फाउंडेशन को भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। वहीं, प्रदेश के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत प्रत्येक संस्थान में स्वीकृत पदों की संख्या 48 से घटाकर 44 की जाएगी।

सड़क और पुल निर्माण की प्रक्रिया होगी आसान

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क और पुल निर्माण से जुड़े कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने का फैसला किया गया है। नई व्यवस्था के तहत दूसरे चरण के विभिन्न कार्यों को एक साथ मंजूरी देने की व्यवस्था होगी। इसमें पहाड़ कटान के बाद सुरक्षा दीवार, पुलिया, नालियों और अन्य जरूरी संरचनाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। इससे निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने और सड़कों को नुकसान से बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

ऊर्जा क्षेत्र में उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के पुनर्गठन और कनिष्ठ अभियंताओं के वेतनमान को उच्चीकृत करने से जुड़े फैसले भी लिए गए हैं।

महिलाओं के कल्याण और पर्यटन पर जोर

राज्य की निराश्रित एवं एकल महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए भरण-पोषण अनुदान योजना का नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना’ करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में साहसिक और पर्यावरणीय पर्यटन को योजनाबद्ध, सुरक्षित तथा टिकाऊ तरीके से विकसित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड की स्थापना को मंजूरी दी गई है।

यूसीसी और प्रशासनिक सुधारों पर भी फैसले

कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (UCC) के संशोधित प्रावधानों को लागू करने के लिए नियमावली में बदलाव को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य कानून के क्रियान्वयन में सामने आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करना और लिपिकीय त्रुटियों में सुधार करना है।

स्टांप ड्यूटी से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने का फैसला भी किया गया है। इसके माध्यम से संबंधित मामलों के निपटारे, राजस्व संग्रह और ब्याज एवं अर्थदंड से जुड़ी देनदारियों में निर्धारित शर्तों के अनुसार राहत देने का लक्ष्य है।

इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को विधेयक के रूप में विधानसभा में प्रस्तुत करने, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ कर्मचारियों की सेवा नियमावली में बदलाव तथा राज्य के विभिन्न विभागों के प्रशासनिक ढांचे में सुधार से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है। जनजातीय अभिलेखों में ‘जन्नासारी’ के स्थान पर ‘जौनसारी’ शब्द को सही कराने के लिए केंद्र सरकार को संस्तुति भेजने का निर्णय भी शामिल है।

7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट से विकास को मिलेगी गति

धामी कैबिनेट की बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों में जनकल्याण, शिक्षा, खेल, पर्यटन, ऊर्जा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी मिलने के बाद आगामी विधानसभा सत्र में इसे सदन के समक्ष रखा जाएगा।

अब इन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन और संबंधित विभागों की ओर से जारी होने वाले शासनादेशों पर निगाहें रहेंगी। योजनाओं की पात्रता, लागू होने की तिथि और लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने की प्रक्रिया स्पष्ट होने के बाद इन फैसलों का वास्तविक असर प्रदेश की जनता के सामने आएगा।


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