उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, 3 नए सरकारी कॉलेज खुले; 11,495 हुई कुल सीटें

धामी सरकार के कार्यकाल में राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में 321 अतिरिक्त सीटें बढ़ीं, निजी संस्थानों में 10,616 सीटें उपलब्ध; युवाओं के लिए देश-विदेश में रोजगार के अवसरों पर जोर

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Lucknow, 17 Oct, 2026 02:08 PM
उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, 3 नए सरकारी कॉलेज खुले; 11,495 हुई कुल सीटें

देहरादून, 17 अक्टूबर। उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा को मजबूत बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जुलाई 2021 के बाद प्रदेश में तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में 321 अतिरिक्त सीटें बढ़ी हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी और निजी नर्सिंग संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 11,495 हो गई है।

राज्य सरकार का फोकस नर्सिंग शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, योग्य शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षित युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर है। सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की सीटों की संख्या अब 879 हो गई है, जबकि निजी नर्सिंग संस्थानों में कुल 10,616 सीटें उपलब्ध हैं।

तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेजों से 321 सीटों की बढ़ोतरी

जुलाई 2021 के बाद स्थापित तीन राजकीय नर्सिंग संस्थानों में बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, नर्स प्रैक्टिशनर क्रिटिकल केयर (एनपीसीसी) की 20 और नर्स प्रैक्टिशनर इन मिडवाइफरी (एनपीएम) की 30 सीटें बढ़ाई गई हैं। इस प्रकार कुल 321 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं।

प्रदेश के राजकीय नर्सिंग संस्थानों में एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, एनपीसीसी और एनपीएम सहित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के विस्तार से स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने और नर्सिंग शिक्षा के अवसर बढ़ाने में मदद मिल रही है।

निजी नर्सिंग संस्थानों में 10,616 सीटें

प्रदेश में निजी नर्सिंग शिक्षा के विस्तार के तहत जुलाई 2021 के बाद 76 निजी नर्सिंग संस्थानों को विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए। इन संस्थानों में अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए 5,138 सीटों को मंजूरी दी गई।

इसके बाद प्रदेश के निजी नर्सिंग संस्थानों में सभी पाठ्यक्रमों को मिलाकर सीटों की कुल संख्या 10,616 तक पहुंच गई है। उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी यहां के निजी नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं। इससे राज्य में नर्सिंग शिक्षा का दायरा बढ़ने के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की उपलब्धता को भी बढ़ावा मिल रहा है।

जापान और जर्मनी में भी मिल रहा रोजगार

उत्तराखंड में नर्सिंग और व्यावसायिक शिक्षा के साथ विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें। विद्यार्थियों को जापानी, जर्मन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं में दक्ष बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में रोजगार मिला, जबकि वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार प्राप्त हुआ। राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करना है।

शिक्षकों की नियुक्ति और शैक्षणिक गुणवत्ता पर जोर

चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप नर्सिंग संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और नए पदों के सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

दिसंबर 2021 में 40 नर्सिंग ट्यूटरों की नियुक्ति की गई। इसके बाद जून 2025 तक 26 और ट्यूटर नियुक्त हुए, जिससे नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की कुल संख्या 66 हो गई। अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर और एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। इसके अतिरिक्त ट्यूटर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर और उप प्रधानाचार्य के पद भी सृजित किए गए। नवंबर 2025 में सात और संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई।

16 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी

चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के स्तर पर नर्सिंग शिक्षा के लिए संकाय की उपलब्धता बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है। 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की अंतिम परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। इसके अलावा सितंबर 2026 में 30 नर्सिंग ट्यूटरों की भर्ती के लिए अधियाचन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया है।

इन नियुक्तियों से नर्सिंग संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए बढ़ रहा रुझान

हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में हर साल लगभग 12,000 से 15,000 अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। यह आंकड़ा नर्सिंग शिक्षा के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

राज्य में सरकारी और निजी संस्थानों के माध्यम से नर्सिंग शिक्षा के अवसरों का विस्तार होने से विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के विकल्प मिल रहे हैं। साथ ही, प्रशिक्षित नर्सिंग पेशेवरों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।

युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार देना सरकार का लक्ष्य: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, राजकीय संस्थानों में शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत करना और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के बल पर आगे बढ़ें तथा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार, नए संस्थानों की स्थापना, सीटों में वृद्धि और शिक्षकों की नियुक्ति से स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर तैयार हो रहे हैं। इन पहलों की प्रभावशीलता का आकलन आगे सीटों के उपयोग, शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशिक्षित युवाओं के रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी भागीदारी के आधार पर किया जा सकेगा।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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