बारिश और आपदा की स्थिति पर 24×7 अलर्ट मोड में रहें अधिकारी: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, नदियों के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी के निर्देश; हाई एल्टीट्यूड ट्रेकर्स के रेस्क्यू के लिए 28 सितंबर सुबह 6 बजे से हेलीकॉप्टर अभियान
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 27 Sep, 2026 08:55 PMदेहरादून। उत्तराखंड में मौसम विभाग की ओर से जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने रविवार देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) पहुंचकर प्रदेश में वर्षा और उससे उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी संबंधित विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में वर्षा की स्थिति, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, बिजली और पेयजल आपूर्ति, संचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने संभावित मौसम परिस्थितियों को देखते हुए अधिकारियों को हर स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को वर्षा और अतिवृष्टि से हुई क्षति का विस्तृत आकलन कर उसकी सूचना शीघ्र उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) को उपलब्ध कराने को कहा। क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों और जनहानि का आकलन कर प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रदेश की सड़कों को 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त करने के निर्देशों का उल्लेख करते हुए जिलों को निर्धारित समयसीमा में सड़क मरम्मत एवं पुनर्स्थापना अभियान पूरा करने को कहा। उन्होंने संवेदनशील मार्गों की नियमित निगरानी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को सभी जिलों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने को कहा। बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलैंड मशीनों, आवश्यक उपकरणों और तकनीकी दलों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि मार्ग बाधित होने की स्थिति में यातायात जल्द बहाल किया जा सके।
मुख्य सचिव ने बिजली, पेयजल और संचार सेवाओं की बहाली को प्राथमिकता देने के साथ ही दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण पहले से सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बारिश के दौरान राहत, बचाव और आपदा प्रबंधन में जिलों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों से आगे भी इसी तत्परता और समन्वय के साथ कार्य जारी रखने को कहा।
मौसम और मार्ग की स्थिति के आधार पर हो चारधाम यात्रा का संचालन
मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा के संबंध में भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा का संचालन मौसम और मार्ग की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाए। अत्यधिक वर्षा या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही उन्हें आगे भेजा जाए।
नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी
मुख्य सचिव ने राज्य की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए। नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक करने और खतरे की आशंका होने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा गया। डैम और बैराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देकर सतर्क करने के निर्देश भी दिए गए।
संवेदनशील लोगों की विशेष निगरानी
मुख्य सचिव ने गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार समय रहते सुरक्षित स्थानों या चिकित्सा सुविधाओं वाले स्थानों पर पहुंचाने को कहा गया। जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
डेंगू रोकथाम के लिए अभियान तेज करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने डेंगू की रोकथाम के लिए नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों को अभियान तेज करने के निर्देश दिए। जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर पानी की निकासी, नियमित फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और विशेष स्वच्छता अभियान चलाने को कहा गया।
साथ ही जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच किट, दवाइयों, रक्त, बेड और आवश्यक चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
हाई एल्टीट्यूड ट्रेकर्स के रेस्क्यू की समीक्षा
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में उत्तरकाशी और बागेश्वर जिलों में हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग के दौरान प्रभावित ट्रेकिंग दलों के रेस्क्यू अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी ट्रेकर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वित तरीके से अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तरकाशी में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 ट्रेकर्स तथा बागेश्वर में 3 दलों के 43 ट्रेकर्स, कुल 13 दलों के 179 ट्रेकर्स के संबंध में रेस्क्यू एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 28 सितंबर को सुबह 6 बजे से हेलीकॉप्टरों के माध्यम से रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने यूकाडा के माध्यम से पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने को कहा।
उन्होंने रेस्क्यू अभियान के दौरान ट्रेकर्स से लगातार संपर्क बनाए रखने, उनकी लोकेशन, स्वास्थ्य और आवश्यकताओं की नियमित जानकारी लेने के निर्देश दिए। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग के साथ लगातार समन्वय कर रेस्क्यू योजना में आवश्यक बदलाव करने को कहा गया।
रेस्क्यू के बाद सभी ट्रेकर्स की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अस्वस्थ ट्रेकर्स को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्य सचिव ने रेस्क्यू में शामिल हेलीकॉप्टरों के लिए पर्याप्त एटीएफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक हेलीकॉप्टर में सैटेलाइट फोन अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि ऊंचाई वाले और संचार-विहीन क्षेत्रों में भी रेस्क्यू टीमों से संपर्क बना रहे।
उन्होंने उत्तरकाशी और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, सेना, आईटीबीपी, यूकेएडीए और अन्य संबंधित विभागों के साथ प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने को कहा। SEOC को रेस्क्यू अभियान की 24×7 मॉनिटरिंग करने और जिलों से लगातार अपडेट प्राप्त कर आवश्यक सहायता एवं समन्वय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
महत्वपूर्ण अपडेट
बागेश्वर के 43 ट्रेकर्स को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे ट्रैकिंग मार्ग पर मौसम खराब होने के कारण सुरक्षित स्थानों पर रोके गए हैं। वे फंसे हुए नहीं हैं। जिला प्रशासन बागेश्वर मौसम की स्थिति और मार्ग की परिस्थितियों का आकलन करने के बाद उनके आगे रवाना होने के संबंध में निर्णय लेगा।
बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी/डीआईजी राजकुमार नेगी, विशेषज्ञ मनीष भगत, डॉ. पूजा राणा, प्रतिभा पुरोहित और मोहित माथुर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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