उत्तराखंड में सियासी भूचाल: मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR
घरेलू हिंसा, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी समेत कई गंभीर आरोप; मुकदमा दर्ज कराने के बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 15 Oct, 2026 10:21 PMदेहरादून, 15 अक्टूबर। उत्तराखंड की राजनीति में उस समय हलचल मच गई, जब धामी सरकार में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। मंत्री ने पति पर घरेलू हिंसा, धोखाधड़ी, मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। एफआईआर दर्ज कराने के कुछ ही समय बाद रेखा आर्या की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
???? पति के खिलाफ FIR के बाद रो पड़ीं मंत्री रेखा आर्या, वीडियो में छलका दर्द!
— Yugvarta News Agency (@YugvartaNews) October 15, 2026
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में FIR दर्ज कराई है। मंत्री ने घरेलू हिंसा, धोखाधड़ी, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न… pic.twitter.com/EQGfBoOoys
शादी के समय पहली शादी छिपाने का आरोप
एफआईआर के अनुसार, रेखा आर्या ने आरोप लगाया है कि गिरधारी लाल साहू ने वर्ष 2004 में शादी के दौरान अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। मंत्री का दावा है कि उनके पति के अन्य महिलाओं के साथ संबंध हैं और इसका विरोध करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने पुलिस से अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा की मांग करते हुए जान को गंभीर खतरा होने की आशंका जताई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर छलका दर्द
इस घटनाक्रम के बीच रेखा आर्या ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग साझा की। वीडियो में मंत्री रोते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त करती नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऑडियो सुनने के बाद उनका दिल पूरी तरह टूट गया है। उन्होंने भारी मन से सवाल उठाया, “सच्चाई और ईमानदारी के साथ रहने के बदले क्या ऐसा परिणाम मिलता है?”
महिलाओं से घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की अपील
रेखा आर्या ने वीडियो के माध्यम से महिलाओं से घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है। महिलाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “महिला आम हो या खास… घरेलू अत्याचार न सहना है, न सहना है, बल्कि उसे कहना है।”
पुलिस ने शुरू की जांच, राजनीतिक हलकों में हलचल
कैबिनेट मंत्री की शिकायत से जुड़े इस मामले में देहरादून पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पति के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों और मंत्री की तबीयत बिगड़ने की खबर के बाद यह मामला उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। अब पुलिस जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर सबकी निगाहें टिकी हैं।



No Previous Comments found.