सीएम धामी के निर्देश: सरकारी विभागों पर बकाया ₹539 करोड़ के बिजली बिलों का भुगतान तेज करें, सर्दियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें
UPCL-PITCUL की समीक्षा बैठक में वित्तीय स्थिति सुधारने पर जोर, सरकारी कार्यालयों के प्रीपेड स्मार्ट मीटर और सर्दियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की तैयारियों की भी हुई समीक्षा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 29 Oct, 2026 08:46 PMदेहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विद्युत निगमों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और लंबित देनदारियों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों निगमों की वित्तीय स्थिति, लंबित भुगतान, विकास कार्यों की प्रगति और आगामी शीतकाल में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निगमों की वर्तमान वित्तीय स्थिति और उनके सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने वित्तीय प्रबंधन में सुधार, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग और लंबित देनदारियों के समयबद्ध निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
सरकारी विभागों पर ₹539.61 करोड़ की विद्युत देनदारी
बैठक में बताया गया कि 30 सितंबर 2026 तक प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बिलों के मद में लगभग 539.61 करोड़ रुपये बकाया हैं। मुख्यमंत्री ने इन लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने और भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अनुपूरक बजट में स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष लगभग 166 करोड़ रुपये की शेष राशि उपाकालि को अवमुक्त करने के भी निर्देश दिए, ताकि संबंधित कार्यों और भुगतान की प्रक्रिया को गति मिल सके।
बैठक में अनुपूरक बजट के अंतर्गत अतिरिक्त वित्तीय मांगों की स्वीकृति, सरकारी कार्यालयों के लंबित बिजली बिलों के भुगतान और विभिन्न विकास कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि की उपलब्धता पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के अंतर्गत प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों और भवनों में स्थापित स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक बजट आवंटन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने यूपीसीएल द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुरूप इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ ही संबंधित कर्मचारियों के प्रशिक्षण और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने को कहा।
प्रीपेड स्मार्ट मीटरों से संबंधित व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान और विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
सर्दियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए वित्तीय व्यवस्था पर चर्चा
प्रदेश में सर्दियों के दौरान बिजली की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए बैठक में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक संसाधनों और धनराशि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पूंजीगत कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने और विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लंबित भुगतान के निस्तारण पर भी ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दैवीय आपदा से संबंधित कार्यों के भुगतान तथा यूपीसीएल द्वारा कराए जा रहे ईपीसी कार्यों के सापेक्ष लंबित धनराशि की व्यवस्था पर भी विचार किया गया।
उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों और देनदारियों का मामला भी उठा
बैठक में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के विभाजन से संबंधित परिसंपत्तियों एवं देनदारियों के विवरण तथा उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों और देनदारियों के बंटवारे से जुड़ी ट्रांसफर स्कीम के अंतर्गत लंबित देय धनराशि पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने और लंबित मामलों के समाधान की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत निगमों को वित्तीय स्थिति में सुधार लाने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और भुगतान संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव मीनाक्षी सुंदरम सहित संबंधित विभागों और विद्युत निगमों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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