उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा को मिलेगी नई रफ्तार, ₹17 करोड़ की तीन परियोजनाओं की सौगात
डॉ. धन सिंह रावत ने एकेडमिक भवन का किया शिलान्यास, एडवांस ट्रेनिंग सेंटर के द्वितीय चरण और ऑनलाइन प्लेसमेंट सेल का किया लोकार्पण; उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगे तकनीकी पाठ्यक्रम**
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 30 Oct, 2026 08:18 PMदेहरादून, 30 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवाओं को आधुनिक, कौशल आधारित एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शुक्रवार को देहरादून स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान, आमवाला में लगभग 17.80 करोड़ रुपये की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रावत ने 9 करोड़ 63 लाख 45 हजार रुपये की लागत से बनने वाले एकेडमिक भवन का शिलान्यास किया। इसके साथ ही भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (आईआरडीटी) में 4 करोड़ 88 लाख 52 हजार रुपये की लागत से निर्मित एडवांस ट्रेनिंग सेंटर के द्वितीय चरण तथा 3 करोड़ 28 लाख 27 हजार रुपये की लागत से तैयार ऑनलाइन प्लेसमेंट सेल का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को वर्तमान समय की मांग और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
डॉ. रावत ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत आधारभूत सुविधाओं के विकास, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण तथा मशीनों, उपकरणों एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 600 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में तकनीकी शिक्षण संस्थानों को पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जा सकता। संस्थानों में आधुनिक तकनीक, नवाचार, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों के साथ समन्वय को बढ़ावा देना आवश्यक है। ऑनलाइन प्लेसमेंट सेल और एडवांस ट्रेनिंग सेंटर जैसी सुविधाएं विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उद्योगों की मांग के अनुरूप शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम
कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों की मांग और रोजगार की बदलती संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संस्थानों में नए पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को नवीन तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
निदेशक प्राविधिक शिक्षा देशराज ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान वहां उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, शिक्षकों की गुणवत्ता, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण, अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से होती है। उन्होंने बताया कि विभाग शैक्षणिक आधारभूत संरचना, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ाव को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
नशामुक्त उत्तराखंड की दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण की शपथ भी दिलाई गई।
इस अवसर पर सचिव उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद डॉ. मुकेश पाण्डेय, संयुक्त निदेशक देवेंद्र गिरि, राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज आमवाला के प्रधानाचार्य आर.पी. यादव सहित तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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