प्रवासी उत्तराखण्डियों से विकास में भागीदारी का आह्वान, 13 नवंबर को दून विश्वविद्यालय में होगा तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए निर्देश, निवेश, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रवासियों के योगदान पर होगा मंथन
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 7 Nov, 2026 08:45 PMदेहरादून। उत्तराखण्ड के विकास में प्रवासी उत्तराखण्डियों की विशेषज्ञता, अनुभव और उपलब्धियों का लाभ लेने के उद्देश्य से 13 नवंबर को देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय में तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के साथ ही सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रह रहे प्रवासी उत्तराखण्डी अपनी प्रतिभा, परिश्रम और उपलब्धियों से प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उनके अनुभव, विशेषज्ञता और सुझाव उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन प्रवासियों को अपनी मातृभूमि और जड़ों से जोड़ने के साथ प्रदेश के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
निवेश, स्वरोजगार और पर्यटन में प्रवासियों की भागीदारी पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन में प्रवासी उत्तराखण्डियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित किया जाए और उनके सुझावों को गंभीरता से लेते हुए राज्य के विकास में उनके योगदान की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने प्रवासियों को राज्य में निवेश, स्वरोजगार, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रहे, बल्कि इससे ऐसे ठोस विचार और सुझाव सामने आएं, जिन्हें प्रदेश के विकास की योजनाओं से जोड़ा जा सके।
उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति और सांस्कृतिक विरासत की दिखेगी झलक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की प्रभावी झलक प्रस्तुत की जानी चाहिए। उन्होंने आयोजन स्थल पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा प्रत्येक व्यवस्था के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट करने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आयोजन में किसी भी स्तर पर अव्यवस्था न हो और तैयारियों की नियमित समीक्षा कर सभी व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप दिया जाए।
दो प्रमुख विषयों पर होंगे विशेष संवाद सत्र
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन का आयोजन 13 नवंबर को दून विश्वविद्यालय के डॉ. नित्यानन्द ऑडिटोरियम में किया जाएगा। सम्मेलन में विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रवासी उत्तराखण्डियों की भूमिका, उपलब्धियों और राज्य के विकास में उनकी संभावित भागीदारी पर चर्चा होगी।
इस दौरान ‘विकसित उत्तराखण्ड में प्रवासियों की भूमिका’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा ‘हौसलों की उड़ान : उत्तराखण्ड के युवा संघर्ष से सफलता के शिखर तक’ विषय पर भी संवाद होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सम्मेलन का मूल उद्देश्य प्रवासी उत्तराखण्डियों को एक मंच पर एकत्रित करने के साथ ही प्रदेश के विकास से उनका स्थायी और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को सम्मेलन को सार्थक, प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं आर. मीनाक्षी सुंदरम, उत्तराखण्ड प्रवासी परिषद के उपाध्यक्ष पूरन चन्द्र नैलवाल एवं ओम प्रकाश भट्ट, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार एवं युगल किशोर पंत, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह तथा प्रवासी उत्तराखण्ड प्रकोष्ठ के सदस्य सुधीर चन्द्र नौटियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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