खटीमा एकलव्य विद्यालय के विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये, जुएल ओराम ने की घोषणा

आदि रंगोत्सव में जनजातीय संस्कृति की गूंज, किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की विविध विरासत को सराहा

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 4 Oct, 2026 06:45 PM
खटीमा एकलव्य विद्यालय के विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये, जुएल ओराम ने की घोषणा

खटीमा, 4 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड के खटीमा में आयोजित तीन दिवसीय ‘उत्तराखंड आदि रंगोत्सव’ में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने खटीमा स्थित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के विस्तार और सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार आवश्यक सहयोग करेगी।

जुएल ओराम ने कहा कि करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल का टेंडर पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। विद्यालय में 240 बालकों और 240 बालिकाओं समेत कुल 480 विद्यार्थियों के अध्ययन की क्षमता होगी। उन्होंने खटीमा के एकलव्य विद्यालय के शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम की भी सराहना की।

1999 में गठित हुआ जनजातीय कार्य मंत्रालय

केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1999 में जनजातीय मामलों के लिए पृथक मंत्रालय का गठन किया गया था। इसका उद्देश्य थारू, बोक्सा, जौनसारी समेत देश के विभिन्न जनजातीय समुदायों के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार काम कर रही है। उन्होंने क्षेत्र की जनजातीय समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने का आश्वासन भी दिया।

मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों का उल्लेख

जुएल ओराम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों के साझा प्रयासों से खटीमा में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों में भी एकलव्य विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने बाजपुर, चकराता और देहरादून के कालसी क्षेत्र में संचालित एकलव्य विद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संस्थानों में जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विरासत को सराहा

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों की विशिष्ट संस्कृति और परंपराएं उत्तराखंड की पहचान को समृद्ध बनाती हैं।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का संरक्षण जरूरी है। रिजिजू ने विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधियों और कलाकारों का स्वागत करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य में जनजातीय समाज की भागीदारी पर जोर दिया।

रिजिजू ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने और पीएम-जनमन जैसी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक विकास की पहुंच बढ़ाने का उल्लेख किया।

देशभर के कलाकारों ने बिखेरे संस्कृति के रंग

आदि रंगोत्सव में राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों ने लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक कला की प्रस्तुतियां दीं।

कलाकारों की रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहीं। कार्यक्रम में उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की विविधता देखने को मिली।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास ने अतिथियों और कलाकारों का स्वागत किया। केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद अजय टम्टा ने सभी अतिथियों, कलाकारों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, प्रदीप बत्रा, खजान दास, राम सिंह कैड़ा, भरत सिंह चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

#Uttarakhand #Khatima #EklavyaModelResidentialSchool #JualOram #KirenRijiju #AadiRangotsav #TribalCulture #UttarakhandNews


सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

kitkat ad