उत्तराखंड : राज्य में महक क्रांति की शुरुआत, 1 लाख किसानों को मिलेगा नया अवसर
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 13 Dec, 2025 03:03 PMदेहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सुगंध पौधा केन्द्र, सेलाकुई, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026-36 का शुभारम्भ किया। उन्होंने सैटेलाइट सेंटर भाऊवाला का लोकार्पण एवं सुगंध पौधा केन्द्र, सेलाकुई स्थित ए.एम.एस. (C-14) प्रयोगशाला का शिलान्यास भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 5 सैटेलाइट सेंटरों का भी शिलान्यास किया। ये सैटेलाइट सेंटर परसारी (चमोली), रैथल (उत्तरकाशी), भैसोड़ी (अल्मोड़ा), खतेड़ा (चम्पावत) एवं विषाड (पिथौरागढ़) में स्थापित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान सुगंध पौधा केन्द्र और डाबर इंडिया लिमिटेड के बीच एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य विस्तार, अनुसंधान एवं विकास, मानव संसाधन विकास, मार्केटिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में कैप और डाबर के बीच सहयोग की रूपरेखा तैयार करना है। एम.ओ.यू. के दौरान कैप की ओर से निदेशक कैप नृपेन्द्र सिंह चौहान एवं डाबर की अधिशासी निदेशक डाबर डॉ. सौरभ लाल मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कैप के फाउंडर वैज्ञानिकों एवं लेमनग्रास व तुलसी की खेती करने वाले किसानों को सम्मानित किया। उन्होंने परफ्यूमरी प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति के शुभारम्भ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसके अंतर्गत राज्य में 7 एरोमा वैलियों को विकसित किया जाएगा। प्रथम चरण में पिथौरागढ़ में तिमूर वैली, चमोली एवं अल्मोड़ा में डैमस्क रोज वैली, ऊधमसिंह नगर में मिंट वैली, चम्पावत व नैनीताल में सिनेमन वैली तथा हरिद्वार व पौड़ी में लेमनग्रास एवं मिंट वैली विकसित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नीति के अंतर्गत पौधशाला विकास सहयोग, खेती हेतु अनुदान, प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास, फसल बीमा, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों की खेती विकसित कर करीब 1 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। आगामी दस वर्षों में सुगंधित फसलों के टर्नओवर को 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर लगभग ₹1200 करोड़ तक पहुंचाया जाएगा, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के उत्थान एवं समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को 3 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, गेहूं खरीद पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस तथा गन्ने के दाम में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। नहरों से सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये की पॉलीहाउस योजना लागू की गई है, जिसके तहत लगभग 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। वर्षा आधारित खेती को प्रोत्साहन देने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। फलों और सब्जियों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति लागू की गई हैं, जिनके अंतर्गत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। काशीपुर में 40 एकड़ क्षेत्र में ₹300 करोड़ की लागत से एरोमा पार्क विकसित किया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से सुगंध तेलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। धौलादेवी, मुन्स्यारी एवं बेतालघाट के चाय बागानों को जैविक चाय बागानों में बदला जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मिलेट उत्पादन में निवेश पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। पंक्ति बुआई पर 4 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और अन्य विधियों पर 2 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मिलेट खरीद पर 300 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि किसानों की आय वृद्धि में राज्य ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड हर क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सतत विकास, समान नागरिक संहिता लागू करने एवं मदरसा एक्ट समाप्त करने जैसे निर्णय देश के लिए उदाहरण बने हैं। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को सरकारी आयोजनों में प्राथमिकता दी जा रही है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि एरोमा क्षेत्र में उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं और आने वाले समय में एग्री, हॉर्टीकल्चर एवं कैप प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बनाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में जहां इस क्षेत्र का टर्नओवर 1 करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर 100 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
इस अवसर पर विधायक सहदेव पुंडीर, उपाध्यक्ष जड़ी-बूटी सलाहकार समिति भुवन विक्रम डबराल, जिला अध्यक्ष भाजपा मीता सिंह, गिरीश डोभाल, सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, एसेंशियल ऑयल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव पी.के. जैन, अध्यक्ष नगर पंचायत सुमित चौधरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


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