उत्तराखंड न्यूज़ : पिथौरागढ़ कोर्ट में बनेगी तीन मंजिला पार्किंग, 43 कारों की होगी क्षमता
9.59 करोड़ के पुनरीक्षित आगणन पर शासन स्तर पर मंथन, दो लिफ्ट समेत इलेक्ट्रिफिकेशन और रिइनफोर्समेंट का प्रावधान
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 8 Oct, 2026 10:33 PMदेहरादून, 8 अक्टूबर 2026। पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में तीन मंजिला पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया को गति देने की कवायद तेज हो गई है। प्रस्तावित पार्किंग में 43 कारों को खड़ा करने की क्षमता होगी। परियोजना के पुनरीक्षित आगणन को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दिए जाने के संबंध में आवास विभाग की सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में बैठक हुई।
बैठक में जिलाधिकारी पिथौरागढ़ और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं समेत संबंधित अधिकारियों ने परियोजना के तकनीकी पहलुओं, संशोधित लागत, निर्माण की आवश्यकता और पार्किंग की उपयोगिता पर चर्चा की। अधिकारियों के अनुसार पार्किंग बनने के बाद जिला न्यायालय में आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को व्यवस्थित पार्किंग सुविधा मिल सकेगी।
9.59 करोड़ के पुनरीक्षित आगणन पर चर्चा
जिला न्यायालय परिसर में पार्किंग निर्माण के लिए प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, पिथौरागढ़ ने संशोधित विस्तृत आगणन तैयार किया है। तकनीकी स्वीकृति के लिए गठित टीएसी द्वारा अनुमोदित 959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति पर बैठक में विचार किया गया।
परियोजना के लिए शासन स्तर से पहले ही धनराशि जारी की जा चुकी है। 16 मार्च 2024 के शासनादेश के तहत कुल लागत का 40 प्रतिशत यानी 270.61 लाख रुपये अवमुक्त किए गए थे। परियोजना में अतिरिक्त प्रावधान किए जाने के चलते संशोधित आगणन में 282.93 लाख रुपये की वृद्धि हुई है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि संशोधित परियोजना में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। समिति ने लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता को अतिरिक्त लागत के कारणों का विस्तृत लिखित स्पष्टीकरण शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कोर्ट के साथ आमजन को भी मिलेगी सुविधा
प्रस्तावित पार्किंग मार्केट वाली रोड पर स्थित जिला न्यायालय परिसर में बनाई जाएगी। ऐसे में इसका उपयोग केवल न्यायालय आने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। बहुमंजिला पार्किंग से सीमित भूमि का बेहतर उपयोग करते हुए वाहनों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा।
पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय शहर में सीमित भूमि और बढ़ते वाहनों के बीच पार्किंग की समस्या को देखते हुए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्किंग बनने से सड़क किनारे वाहनों के अनियोजित खड़े होने की समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
पार्किंग के लिए तय होगा शुल्क
बैठक में पार्किंग के संचालन और रखरखाव को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को बताया गया कि पार्किंग के संचालन के लिए शुल्क निर्धारित किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शुल्क निर्धारण के बाद पार्किंग के नियमित संचालन, सुरक्षा और वाहनों की आवाजाही के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
समयबद्ध प्रक्रिया पर जोर
आवास सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि सरकार सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालय परिसर की प्रस्तावित पार्किंग का उद्देश्य न्यायालय आने वाले लोगों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि परियोजना में आवश्यक अतिरिक्त सुविधाओं को शामिल किया गया है और बढ़ी हुई लागत के कारणों का स्पष्ट विवरण संबंधित कार्यदायी संस्था से मांगा गया है, ताकि प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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