कोल्ड स्टोरेज चलाएंगे स्वयं सहायता समूह, त्यूणी अस्पताल के लिए 15 नवंबर की डेडलाइन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने विकास योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए निर्देश, शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क विहीन इलाकों का होगा सर्वेक्षण

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Lucknow, 3 Nov, 2026 08:10 PM
कोल्ड स्टोरेज चलाएंगे स्वयं सहायता समूह, त्यूणी अस्पताल के लिए 15 नवंबर की डेडलाइन

देहरादून, 03 नवम्बर। उत्तराखंड में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों एवं प्रस्तावों की समीक्षा की। जनपदों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में उन्होंने कोल्ड स्टोरेज का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराने, मोबाइल नेटवर्क विहीन क्षेत्रों का शीघ्र चिन्हीकरण करने और त्यूणी उप जिला अस्पताल को 15 नवम्बर तक संचालित करने सहित कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय उनकी आवश्यकता, उपयोगिता और आर्थिक व्यवहार्यता का गंभीरता से आकलन किया जाए। शासन को प्रस्ताव भेजने से पहले उनका कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस (लागत-लाभ विश्लेषण) अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि योजनाओं से होने वाले वास्तविक लाभ और उनकी उपयोगिता का स्पष्ट आकलन हो सके।

स्वयं सहायता समूहों को सौंपी जाएगी कोल्ड स्टोरेज संचालन की जिम्मेदारी

कोल्ड स्टोरेज के संचालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए मुख्य सचिव ने इनके संचालन में स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूहों को कोल्ड स्टोरेज संचालन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके लिए समूहों को आवश्यक तकनीकी दक्षता और विशेषज्ञता का प्रशिक्षण एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने प्रदेश में वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता का आकलन कर इस दिशा में आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा। इस पहल से स्वयं सहायता समूहों को आजीविका के नए अवसर मिलने के साथ कृषि उत्पादों के भंडारण की सुविधाओं को भी मजबूती मिल सकती है।

शहरों से लेकर राजमार्गों तक खोजे जाएंगे नेटवर्क विहीन क्षेत्र

प्रदेश में मोबाइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए मुख्य सचिव ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क विहीन इलाकों (शैडो एरिया) का व्यापक सर्वेक्षण कर शीघ्र चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों की सूची तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने को कहा।

उन्होंने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर भी नेटवर्क की स्थिति का विस्तृत विवरण तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा कि राजमार्ग के किस किलोमीटर से किस किलोमीटर तक मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। मुख्य सचिव ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को दूरसंचार विभाग (DoT) से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त करने को कहा, ताकि नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जा सके।

15 नवंबर तक शुरू होगा त्यूणी उप जिला अस्पताल

देहरादून जनपद के त्यूणी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्य सचिव ने उप जिला अस्पताल को 15 नवम्बर तक अनिवार्य रूप से ऑपरेशनल करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि अस्पताल के संचालन के लिए चिकित्सकों की तैनाती, आवश्यक मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरण और अन्य बुनियादी सुविधाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूरस्थ क्षेत्रों का रुख न करना पड़े।

स्कूलों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

मुख्य सचिव ने प्रदेश के विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों के शौचालयों और पूरे परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही प्रधानाचार्यों को उपलब्ध कराए जाने वाले अनटाइड फंड में जरूरत के अनुसार वृद्धि की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालय स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सफाई और रखरखाव की व्यवस्था कर सकें।

उन्होंने विद्यालय भवनों की मरम्मत और नए भवनों के निर्माण से संबंधित कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर जोर दिया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, अमित कुमार सिन्हा, सहदेव सिंह, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, बृजेश कुमार संत, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, दीपक कुमार, श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान, डॉ. अहमद इकबाल, रंजना राजगुरू, राजेंद्र कुमार सहित गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनन्द स्वरूप, कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत और विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।


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