संस्कारों से ही बनेगा सशक्त भारत: मुख्यमंत्री धामी

द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस एवं स्थापना दिवस समारोह में बोले मुख्यमंत्री—आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का ज्ञान भी जरूरी; पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

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Lucknow, 21 Oct, 2026 09:32 PM
संस्कारों से ही बनेगा सशक्त भारत: मुख्यमंत्री धामी

देहरादून, 21 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून स्थित द टॉसब्रिज स्कूल में आयोजित संस्कार दिवस एवं स्थापना दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कार, अनुशासन, ईमानदारी और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार, संवेदनशील और चरित्रवान नागरिक बनाना भी है। आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों का ज्ञान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और उपस्थित अतिथियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्कार दिवस केवल विद्यालय की स्थापना का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर भी है। उन्होंने विद्यालय द्वारा आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय परंपराओं को महत्व देने की सराहना की।

डॉ. कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील

मुख्यमंत्री ने बताया कि द टॉसब्रिज स्कूल का उद्घाटन वर्ष 2015 में पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने किया था। उन्होंने विद्यार्थियों को डॉ. कलाम की आत्मकथा ‘विंग्स ऑफ फायर’ (अग्नि की उड़ान) पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन इस बात का उदाहरण है कि बड़े सपने देखने के साथ उन्हें साकार करने के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प भी जरूरी हैं। विद्यार्थियों को असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए।

‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ भारतीय संस्कृति की पहचान

मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना भारत की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। सभी के प्रति सम्मान, बड़ों का आदर, विविधताओं को स्वीकार करना और जरूरतमंदों की सहायता करना भारतीय संस्कारों के अभिन्न अंग हैं। इन मूल्यों से समाज में आपसी सद्भाव, सहयोग और संवेदनशीलता मजबूत होती है।

विद्यालय के ध्येय वाक्य ‘ज्ञानं भारः क्रियां बिना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्म के बिना ज्ञान अधूरा है। ज्ञान तभी सार्थक होता है, जब उसे व्यवहार में उतारकर समाज और राष्ट्र के हित में उपयोग किया जाए।

टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में आगे बढ़ रहा भारत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रौद्योगिकी, नवाचार और आधुनिक विज्ञान के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों, कौशल और रचनात्मकता में दक्षता हासिल करनी चाहिए। इसके साथ ही योग, ध्यान, अनुशासन और संस्कारों को भी जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल संवर्धन और रचनात्मकता पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजन के लिए भी आगे आना चाहिए। इससे वे आत्मनिर्भर बनने के साथ प्रदेश और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकेंगे।

पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उनके अनुसार, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना और उनकी मेहनत के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मेहनत और अनुशासन ही सफलता का आधार

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर सीखने की इच्छा ही सफलता का वास्तविक आधार हैं। प्रत्येक विद्यार्थी में अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। जरूरत अपनी क्षमताओं को पहचानने, सही दिशा में प्रयास करने और चुनौतियों का सामना करने की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में शिक्षित, संस्कारित, कुशल और आत्मनिर्भर युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि द टॉसब्रिज स्कूल के विद्यार्थी ज्ञान, प्रतिभा और अच्छे संस्कारों के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

समारोह में द टॉसब्रिज स्कूल के प्रबंधन एवं प्रशासन से जुड़े पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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