चारधाम यात्रा में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : धामी

14 सितंबर तक 50.56 लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन, 66.07 लाख यात्रियों का पंजीकरण; संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश

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Lucknow, 15 Sep, 2026 01:54 PM
चारधाम यात्रा में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर मौसम और भूस्खलन की स्थिति की लगातार निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव की व्यवस्था उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए।

यमुनोत्री में भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर यातायात के दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात प्रबंधन इस तरह किया जाए कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी न हो।

यमुनोत्री धाम में भीड़ और आवागमन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने धाम से करीब 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने, डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने और खरसाली से वैकल्पिक मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने तथा सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

घोड़े-खच्चरों के संचालन में नियमों के पालन के निर्देश

मुख्यमंत्री ने घोड़े-खच्चरों के संचालन में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।

केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी की आवाजाही को नियंत्रित एवं व्यवस्थित रखने को कहा। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

यात्रा मार्गों के सुधार कार्यों में तेजी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण और गड्ढामुक्त करने के कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और स्यानाचट्टी क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के साथ ही मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे जल्द खोलने के लिए आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता बनाए रखने को कहा।

केदारनाथ-बदरीनाथ मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने चारों धामों में मौसम की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव समेत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विशेष रूप से केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता व्यवस्था बेहतर रखने और घोड़े-खच्चरों की लीद के समुचित निस्तारण के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाए रखने को कहा।

नेटवर्क और मूलभूत सुविधाओं पर भी निर्देश

मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संबंधित विभागों और दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, बिजली, प्रकाश और शटल सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए।

हेली सेवाओं में निर्धारित किराए का पालन जरूरी

मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक वसूली या अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर हेली सेवाओं का संचालन करने को कहा।

50.56 लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन

बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा-2026 के लिए अब तक 66,07,749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। वहीं 14 सितंबर 2026 की शाम 7 बजे तक 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

धामवार आंकड़ों के अनुसार, यमुनोत्री में 7,08,407, गंगोत्री में 7,89,773, केदारनाथ में 14,98,544, बदरीनाथ में 17,36,619 और हेमकुंड साहिब में 3,22,817 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। यात्रा मार्गों और संवेदनशील स्थलों की निरंतर निगरानी करते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव शैलेश बगौली सहित शासन, प्रशासन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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