उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को 24x7 अलर्ट मोड पर रहने के दिए निर्देश

26 सितंबर को पांच और 27 सितंबर को चार जिलों में रेड अलर्ट; संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत-बचाव दल और मशीनरी को तैयार रखने के निर्देश

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Lucknow, 25 Sep, 2026 05:59 PM
उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को 24x7 अलर्ट मोड पर रहने के दिए निर्देश

देहरादून, 25 सितंबर 2026। उत्तराखंड में अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से वार्ता कर सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखते हुए मौसम संबंधी चेतावनियों को तत्काल स्थानीय स्तर तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

26 सितंबर को पांच जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट तथा हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में येलो अलर्ट है।

27 सितंबर को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और हरिद्वार में रेड अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट तथा बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है।

भूस्खलन और जलभराव को लेकर विशेष सतर्कता

भारी बारिश के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी-नालों, गाड़-गदेरों और अन्य जलस्रोतों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए भी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

24 घंटे सक्रिय रहेंगे जिला आपातकालीन संचालन केंद्र

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने शुक्रवार को सभी 13 जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने जिलों को अलर्ट मोड पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने तथा पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत समेत अन्य संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा।

रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की आवश्यकता के अनुसार तैनाती, जरूरी उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

संवेदनशील सड़कों पर जेसीबी और मशीनरी तैयार रखने के निर्देश

सचिव आपदा प्रबंधन ने भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील सड़कों और क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने को कहा। उन्होंने जेसीबी और अन्य आवश्यक मशीनरी को रणनीतिक स्थानों पर तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके।

पर्वतीय मार्गों पर मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए ही यातायात संचालित करने तथा अतिवृष्टि और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने के निर्देश दिए गए हैं।

चारधाम यात्रा मार्गों और पर्यटन स्थलों पर भी निगरानी

मौसम की चेतावनी को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों, प्रमुख पर्यटन स्थलों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

नदी, नालों और बरसाती धाराओं के आसपास रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक करने तथा लोगों को तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य न्यूनतम प्रतिक्रिया समय में शुरू करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखने को कहा गया है।

आपदा प्रबंधन मंत्री ने भी दिए सतर्क रहने के निर्देश

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से प्रदेश की मौसम स्थिति और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।

आमजन से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील

सचिव आपदा प्रबंधन ने आमजन से मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने को कहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र द्वारा मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के टोल-फ्री नंबर 1070, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के नंबर 1077 तथा आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क किया जा सकता है।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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