भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में ‘विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत’ का संकल्प, 2027 में फिर कमल खिलाने का आह्वान

विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति के पहले सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा और धामी सरकार के विकास कार्यों पर चर्चा; विकास, सुशासन और जनकल्याण को बनाया राजनीतिक एजेंडा

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Lucknow, 9 Sep, 2026 06:39 PM
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में ‘विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत’ का संकल्प, 2027 में फिर कमल खिलाने का आह्वान

हल्द्वानी, 9 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के उत्तराखंड दौरे से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती, जनसेवा के संकल्प और उत्तराखंड के विकास को और गति देने के लिए प्रदेश कार्यसमिति की बैठक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति बैठक का पहला सत्र ‘विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत’ के संकल्प प्रस्ताव के अनुमोदन के साथ संपन्न हुआ। हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित विंटेज ग्रीन बैंक्वेट हॉल के हरि प्रसाद टम्टा सभागार में आयोजित बैठक का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।


मोदी के 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा को बताया प्रेरणादायी


कार्यसमिति के पहले राजनीतिक प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक एवं प्रशासनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए उनके नेतृत्व में देश में हुए विकास, सुशासन और नीतिगत बदलावों पर विस्तार से चर्चा की गई।


प्रस्ताव में कहा गया कि वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन की नई भूमिका शुरू करने से लेकर मई 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर राष्ट्रसेवा तक की उनकी यात्रा शासन, विकास और जनकल्याण के प्रति समर्पण का उदाहरण है। प्रस्ताव में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना तथा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ को शासन की प्रमुख दिशा बताया गया।


प्रस्ताव में आधारभूत ढांचे के विस्तार, डिजिटल एवं तकनीकी परिवर्तन, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। साथ ही भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलने की बात भी कही गई।


यह प्रस्ताव राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने प्रस्तुत किया, जिसका अनुमोदन सांसद अजय भट्ट, मंत्री रेखा आर्य, महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह और मदन कौशिक ने किया।


‘डबल इंजन’ सरकार को उत्तराखंड के विकास का आधार बताया


दूसरे राजनीतिक प्रस्ताव में ‘विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत’ के संकल्प को केंद्र में रखा गया। प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास तथा सुशासन को नई गति मिली है।


प्रस्ताव के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय के परिणामस्वरूप उत्तराखंड में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यटन, रोजगार, स्वरोजगार और सीमांत क्षेत्रों के विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम आगे बढ़ा है। चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और सीमांत क्षेत्रों के विकास जैसी परियोजनाओं को राज्य की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण बताया गया है।


राजनीतिक प्रस्ताव में उत्तराखंड की विकास यात्रा को केवल परियोजनाओं तक सीमित न मानते हुए शासन व्यवस्था में आए बदलाव से भी जोड़ा गया। प्रस्ताव में जल जीवन मिशन, स्वास्थ्य सेवाओं, आयुष्मान योजना और अन्य पहलों के माध्यम से आम नागरिक के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में काम होने का उल्लेख किया गया है।


धामी सरकार के पांच वर्ष और विकास कार्यों का उल्लेख


भाजपा के प्रस्ताव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री के रूप में पांच वर्ष पूरे करने तथा राज्य में लंबे समय तक निर्वाचित मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का उल्लेख करते हुए उन्हें बधाई दी गई।


प्रस्ताव में धामी सरकार के कार्यकाल के दौरान सुशासन, पारदर्शिता, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के रोजगार, सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों के विकास और धार्मिक-आध्यात्मिक पर्यटन को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया गया।


यूसीसी के क्रियान्वयन, नकल-विरोधी कानून, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कदमों का भी प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही सरकारी नियुक्तियों, होमस्टे, स्टार्टअप और स्वरोजगार से जुड़े आंकड़ों को भी राज्य की विकास यात्रा से जोड़ा गया है।


पलायन रोकने से लेकर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था तक पर जोर


प्रस्ताव में उत्तराखंड की पुरानी पलायन चुनौती से निपटने के लिए रोजगार के साथ स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सीमांत गांवों के विकास, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालय’ जैसे प्रयासों का उल्लेख किया गया।


धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए चारधाम यात्रा समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या का उल्लेख किया गया। प्रस्ताव में पर्यटन, तीर्थाटन और आधारभूत ढांचे के विस्तार को राज्य की आर्थिक गतिविधियों से जोड़ते हुए उत्तराखंड को देश के प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक, पर्यटन और निवेश केंद्रों में विकसित करने का लक्ष्य सामने रखा गया है।


सामाजिक सौहार्द और ‘वंदेमातरम्’ पर भी राजनीतिक प्रस्ताव


कार्यसमिति के प्रस्तावों में हल्द्वानी से जुड़े कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद और सामाजिक सौहार्द को लेकर भी भाजपा का पक्ष सामने रखा गया। प्रस्ताव में जाति के आधार पर अपमान और भेदभाव का विरोध करते हुए राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने के प्रयासों की आलोचना की गई।


इसके अलावा ‘वंदेमातरम्’ को राष्ट्रीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत बताते हुए उसके सम्मान और गरिमा को बनाए रखने की बात कही गई। कार्यसमिति ने राष्ट्रगीत को लेकर कांग्रेस के रुख पर असहमति जताई और इसे राष्ट्रीय भावना से जुड़ा विषय बताया।


2027 विधानसभा चुनाव के लिए विकास और राष्ट्रवाद को बनाया आधार


कार्यसमिति के राजनीतिक प्रस्ताव में आगामी 2027 उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर भी भाजपा की रणनीतिक दिशा स्पष्ट की गई। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास, सुशासन, जनकल्याण, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता के एजेंडे के साथ जनता के बीच जाने का संकल्प व्यक्त किया।


प्रस्ताव में उत्तराखंड को विकसित, आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध राज्य बनाने तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने को पार्टी का लक्ष्य बताया गया। साथ ही 2027 के चुनाव में भाजपा को पुनः जनादेश दिलाने के लिए कार्यकर्ताओं से पूर्ण समर्पण के साथ जुटने का आह्वान किया गया।


बैठक में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम और सह प्रभारी रेखा वर्मा ने भी कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, सांसद अजय भट्ट, टिहरी सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहारदीप्ति रावततरुण बंसल तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। कार्यसमिति ने संगठन को समाज के प्रत्येक वर्ग, गांव, बूथ और परिवार तक और अधिक व्यापक रूप से पहुंचाने तथा ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को जन-जन का अभियान बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। 


इस तरह भाजपा उत्तराखंड की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति ने आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक दिशा का संकेत देते हुए ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ ‘विकसित उत्तराखंड’ को अपना प्रमुख संकल्प बनाया है।


आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता


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