उत्तराखंड : सतपाल सिंह बिष्ट बने कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 3 Sep, 2026 09:37 PMदेहरादून। प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट को कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। कुलाधिपति की ओर से गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया। इसके साथ ही कुलपति पद के कार्यदायित्वों के लिए लागू अंतरिम व्यवस्था संबंधी पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया गया है।
तीन वर्ष के लिए हुई नियुक्ति
उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-1973 (यथाप्रवृत्त उत्तराखण्ड राज्य) की धारा-12 की उपधारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट की नियुक्ति की गई है। आदेश के मुताबिक, वह कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष की अवधि अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति के पद पर बने रहेंगे।
उच्च शिक्षा और शोध का लंबा अनुभव
प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट उच्च शिक्षा, अनुसंधान और विश्वविद्यालय प्रशासन के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वह सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के कुलपति के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने एमएससी, पीएचडी और डीएससी की उपाधियां हासिल की हैं। उनके नाम 183 शोधपत्र, 37 पुस्तक अध्याय तथा चार पुस्तकें/मोनोग्राफ प्रकाशित हैं।
शोध परियोजनाओं और पीएचडी मार्गदर्शन में योगदान
प्रोफेसर बिष्ट के नाम 69 एनसीबीआई जेनबैंक/एसआरए सबमिशन दर्ज हैं। उन्होंने नौ वित्तपोषित शोध परियोजनाओं का संचालन किया है। इसके अलावा, 23 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है और कई पोस्ट-डॉक्टोरल तथा रिसर्च फेलो के शोध कार्यों का पर्यवेक्षण किया है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय में भी संभालीं अहम जिम्मेदारियां
कुमाऊं विश्वविद्यालय से प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट का पुराना जुड़ाव रहा है। यहां उन्होंने प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के साथ-साथ बायो-मेडिकल साइंसेज संकाय के डीन, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के निदेशक, परीक्षा नियंत्रक और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्ष 2020 में उन्होंने प्रवेश, प्लेसमेंट और काउंसलिंग के प्रभारी प्रोफेसर के रूप में भी कार्य किया।
इसके अलावा, वह राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के समन्वयक रहे हैं। उन्होंने नैक, एनआईआरएफ और आईक्यूएसी से संबंधित मामलों में कुलपति के नामित प्रतिनिधि के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। साथ ही, बोर्ड ऑफ स्टडीज एवं रिसर्च डिग्री कमेटी के अध्यक्ष और संयोजक के रूप में भी सेवाएं दी हैं।
मृदा विज्ञान से पर्यावरण तक रहा शोध का दायरा
प्रोफेसर बिष्ट का शोध कार्य मृदा विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, माइक्रोबायोलॉजी और इनसे जुड़े अन्य विषयों पर केंद्रित रहा है। उनके शोधपत्र भारत के अलावा जर्मनी, नीदरलैंड, फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, स्विट्ज़रलैंड और ब्राजील समेत विभिन्न देशों की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित
शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट को कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें भारत गौरव अवॉर्ड-2026, राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड-2011, उत्तराखंड रत्न अवॉर्ड-2018 और इंडो-एशियन डिस्टिंग्विश्ड साइंटिस्ट अवॉर्ड-2021 से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, वह Soil Science Alert Netherlands की ओर से दुनिया के चयनित उद्धृत वैज्ञानिकों में भी शामिल रहे हैं।



No Previous Comments found.