विकास कार्यों की बाधाएं दूर करने पर जोर, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
लोनिवि सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने विभागीय समन्वय, भूमि अधिग्रहण और लंबित अनुमतियों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 22 Oct, 2026 10:49 PMदेहरादून, 22 अक्टूबर। उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने विभागीय समन्वय और प्रभावी कार्यवाही पर जोर दिया है। सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में राज्य-विशिष्ट प्रारूप टिप्पणी (State-Specific Draft Note) को अंतिम रूप देने के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों और संबंधित एजेंसियों के सुझावों के आधार पर विकास कार्यों में आ रही चुनौतियों तथा उनके समाधान पर चर्चा हुई।
बैठक में अवधारणा-पत्र (कॉन्सेप्ट नोट) और विभिन्न हितधारक विभागों से प्राप्त सुझावों की समीक्षा की गई। पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को सामने रखा गया। इस दौरान पीएम गतिशक्ति पोर्टल, भूमि राशि पोर्टल, परिवेश पोर्टल, भूमि अधिग्रहण, भूमि पर कब्जे का हस्तांतरण और वन भूमि हस्तांतरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा राइट ऑफ वे (RoW) से बाहर की संपत्तियों को होने वाली क्षति के मुआवजे, यूटिलिटी शिफ्टिंग, लैंड बैंक, भूमि नामांतरण (म्यूटेशन) और रॉयल्टी से संबंधित मामलों पर भी चर्चा हुई। ठेकेदारों द्वारा सिंगल विंडो व्यवस्था के माध्यम से प्रस्तुत आवेदनों पर समयबद्ध अनुमति देने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के सुझाव भी रखे गए।
दस्तावेजीकरण और नियमों के अध्ययन पर विशेष जोर
सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने कहा कि विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों और यूजर एजेंसियों को प्रत्येक प्रकरण का उचित दस्तावेजीकरण करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा संबंधित नियमों, प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं का गहन अध्ययन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, संबंधित नियमों, मूल कानूनों और भारत सरकार की गाइडलाइंस का अध्ययन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमों की सही जानकारी के आधार पर ही मामलों का आकलन कर उनका नियमसम्मत समाधान निकाला जा सकता है।
स्थानीय लोगों से संवाद कर तलाशें समाधान
डॉ. पाण्डेय ने कहा कि विकास परियोजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों और यूजर एजेंसियों को अपने स्तर पर प्रभावी पहल करनी चाहिए। स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है, ताकि व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं की पहचान करने के साथ उनके समाधान के स्पष्ट प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। जहां नियमों और प्रक्रियाओं में बदलाव या संशोधन की आवश्यकता हो, वहां ऐसे मामलों को चिह्नित कर उचित प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया।
अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश
बैठक में विकास परियोजनाओं से संबंधित प्रक्रियाओं और उनके प्रभावों की बेहतर समझ विकसित करने पर भी जोर दिया गया। सचिव ने कहा कि जिन विभागों और यूजर एजेंसियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण की आवश्यकता है, उनके लिए आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इससे संबंधित नियमों, प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं की जानकारी बेहतर ढंग से उपलब्ध हो सकेगी।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, नियमों के अनुरूप समाधान प्रस्तुत करने और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु, अपर सचिव विनीत कुमार, सलाहकार सेतु आयोग विशाल पाराशर, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग मनोज कुमार बिष्ट, अधीक्षण अभियंता यूपीसीएल अरुण कांत, अधीक्षण अभियंता पिटकुल राकेश कुमार और डीजीएम यूजेवीएनएल मुकेश वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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