आपदा प्रबंधन के हर चरण में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण: प्रकाश चंद्र
प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों ने यूएसडीएमए में जाना आपदा प्रबंधन का संस्थागत ढांचा, आईआरएस और चेतावनी प्रसारण तंत्र की समझ भी विकसित की
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 30 Sep, 2026 07:44 PMदेहरादून। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) में वर्ष 2024 और 2026 बैच के प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों को राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था, संस्थागत ढांचे और आपदा के विभिन्न चरणों में पुलिस की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, तैयारी, प्रतिवादन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण की प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों ने आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली को समझने के साथ-साथ इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) की अवधारणा एवं संरचना, चेतावनी प्रसारण तंत्र, आपदा पूर्व तैयारियों, आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया तथा आपदा के बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की भूमिका, नीतिगत दिशा-निर्देशों तथा राज्य स्तर पर उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षु अधिकारियों को स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) और डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) की कार्यप्रणाली से भी रूबरू कराया गया।
आपदा के दौरान पुलिस की जिम्मेदारी अहम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र ने कहा कि आपदा प्रबंधन के पूरे चक्र में पुलिस विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील होती है। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में पुलिस प्रमुख एजेंसियों में शामिल होती है, जो प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित रूप से पहुंचकर कानून-व्यवस्था के साथ-साथ मानव जीवन की सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान पुलिस की जिम्मेदारियों में प्रभावित क्षेत्रों तक त्वरित पहुंच, लोगों की सुरक्षित निकासी, भीड़ एवं यातायात प्रबंधन, राहत सामग्री के निर्बाध वितरण में सहयोग, संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा, अफवाहों पर नियंत्रण तथा सही एवं समयबद्ध सूचना का संप्रेषण शामिल है।
प्रकाश चंद्र ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से राहत और बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
नेतृत्व और त्वरित निर्णय क्षमता जरूरी
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी ने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारियों को भविष्य में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के रूप में आपदा प्रबंधन से जुड़ी रणनीतिक और नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभानी होंगी।
उन्होंने कहा कि आपदा जैसी परिस्थितियों में समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा, मानवीय संवेदनशीलता, अनुशासन और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभिमुखीकरण कार्यक्रम प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों को आपदा प्रबंधन की जमीनी चुनौतियों और व्यवस्थाओं की बेहतर समझ प्रदान करते हैं।
राजकुमार नेगी ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षु अधिकारी भविष्य में अपने कार्यक्षेत्र में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यक्रम में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, डॉ. पीडी माथुर सहित प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक दक्ष शोखंद, लव शर्मा, अदिति पुनेठा, हिमांशु दिवाकर, आदित्य तिवारी, दिव्येश उपाध्याय, अंकित थपलियाल, समीरण भट्ट, विनय सिंह, दीप्ति कैड़ा और तनुजा बिष्ट उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
#Uttarakhand #Dehradun #USDMA #DisasterManagement #Police #SDRF #DisasterManagementTraining #UttarakhandNews



No Previous Comments found.