देश की चुनौतियों के लिए नवोन्मेषी सोच और मजबूत उद्देश्य जरूरी: अजीत डोभाल
आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह में NSA अजीत डोभाल ने युवाओं को दी राष्ट्रहित में योगदान की सीख, 1,277 स्नातक विद्यार्थियों को मिली डिग्री
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 19 Sep, 2026 07:22 PMरुड़की, 19 सितंबर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (IIT Roorkee) के दीक्षांत समारोह 2026 के पहले दिन शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए स्नातक विद्यार्थियों से नवोन्मेषी सोच, ईमानदारी और उद्देश्य की मजबूत भावना के साथ राष्ट्र एवं समाज के लिए योगदान देने का आह्वान किया।
दो दिवसीय दीक्षांत समारोह के पहले दिन कुल 1,277 स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष और पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने समारोह की अध्यक्षता की।
डोभाल को प्रदान की गई ऑनोरिस कौसा उपाधि
समारोह का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल को ऑनोरिस कौसा उपाधि प्रदान किया जाना रहा। यह सम्मान उनकी विशिष्ट लोक सेवा के प्रति मान्यता के रूप में प्रदान किया गया।
अपने दीक्षांत संबोधन में डोभाल ने कहा कि आईआईटी रुड़की जैसे संस्थानों ने शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के माध्यम से राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि देश के सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसे युवा पेशेवरों और शोधकर्ताओं की आवश्यकता है, जो नवोन्मेषी ढंग से सोचें, ईमानदारी से कार्य करें और उद्देश्य की मजबूत भावना के साथ अपना योगदान दें।
उन्होंने स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान से प्राप्त ज्ञान और कौशल के साथ उन्हें समाज और राष्ट्र के व्यापक हित में उसका उपयोग करने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
2,701 डिग्रियां प्रदान कर रहा संस्थान
आईआईटी रुड़की इस वर्ष के दो दिवसीय दीक्षांत समारोह में कुल 2,701 डिग्रियां प्रदान कर रहा है, जो संस्थान द्वारा अब तक प्रदान की गई डिग्रियों की सर्वाधिक संख्या है। पहले दिन स्नातक स्तर के विभिन्न कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं। इनमें बीटेक, बीआर्क, इंटीग्रेटेड एमटेक, इंटीग्रेटेड एमएससी, आईडीडी, बीएस-एमएस और बीएस सहित विभिन्न पाठ्यक्रम शामिल हैं।
कुल 1,277 स्नातकों में 1,001 छात्र और 276 छात्राएं शामिल हैं। संस्थान ने पहली बार अपने पांच वर्षीय ड्युअल डिग्री कार्यक्रम के तहत बीएस-एमएस डिग्री भी प्रदान की।
सीडीएस ने युवाओं से राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने को कहा
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी युवा पीढ़ी के ज्ञान, क्षमता और प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने के साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों, उनके परिवारों, शिक्षकों और पूरे संस्थान के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि संस्थान ऐसे युवाओं को तैयार करने पर जोर देता है, जो तकनीकी ज्ञान के साथ आलोचनात्मक सोच, जिम्मेदार नवाचार और जटिल चुनौतियों के समाधान की क्षमता रखते हों।
श्रीवरदन बालाजी को प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह में विभिन्न संस्थागत पदक और पुरस्कार भी प्रदान किए गए। बीएस-एमएस केमिकल साइंसेज के विद्यार्थी श्रीवरदन बालाजी को जेईई एडवांस्ड के माध्यम से प्रवेश लेने वाले स्नातक विद्यार्थियों में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने पर प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
इसके अलावा नवनीत कुमार को डायरेक्टर गोल्ड मेडल, आशी जैन को भारत के राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल, रूपम तनेजा को इंस्टीट्यूट सिल्वर मेडल और सुकृत जिंदल को इंस्टीट्यूट ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया।
20 सितंबर को स्नातकोत्तर और पीएचडी डिग्रियां
दीक्षांत समारोह का दूसरा दिन 20 सितंबर को आयोजित होगा। इस दौरान 1,424 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही दो दिवसीय समारोह में कुल 2,701 डिग्रियां प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी होगी।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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