हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद के विरोध में कांग्रेस का हल्ला बोल, मुख्यमंत्री आवास कूच
कुमारी शैलजा के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रदर्शन, हजारों कार्यकर्ताओं ने उठाए सामाजिक सौहार्द, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के मुद्दे
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 7 Sep, 2026 08:30 PMदेहरादून, 7 सितंबर। हल्द्वानी में कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने सोमवार को राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने हल्द्वानी की घटना को उत्तराखंड की सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम स्थल को ‘अशुद्ध’ बताकर उसका शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक विभाजन की मानसिकता को दर्शाता है।
प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता से है। उन्होंने भाजपा सरकार से इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने और कथित घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि हल्द्वानी में हुआ कथित ‘शुद्धिकरण’ लोकतांत्रिक मूल्यों और उत्तराखंड की सामाजिक चेतना पर हमला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल को ‘शुद्ध’ अथवा ‘अशुद्ध’ बताने की मानसिकता संविधान की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले में जवाब देने की मांग की।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति विकास के मुद्दों से हटकर समाज में विभाजन पैदा करने की दिशा में जा रही है। वहीं चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड को नफरत और भेदभाव की राजनीति का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा।
CWC सदस्य एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल का ‘शुद्धिकरण’ राजनीतिक विरोध को सामाजिक वैमनस्य में बदलने की कोशिश है। राष्ट्रीय महासचिव एवं CWC सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने भी इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस के संघर्ष को जारी रखने की बात कही।
उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक विक्रम सिंह नेगी तथा पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और जीतराम ने भी सभा को संबोधित किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी का विरोध केवल हल्द्वानी की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राजनीतिक असहमति को जाति, धर्म और कथित ‘शुद्ध-अशुद्ध’ के आधार पर देखने वाली मानसिकता के खिलाफ है।
बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के मुद्दे भी उठाए
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश में महिला अपराध, युवाओं में बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, किसानों की समस्याओं, जमीनों की अनियंत्रित नीलामी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को भी उठाया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से इन मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की।
कई नेताओं ने थामा कांग्रेस का दामन
मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता भी ग्रहण की। कांग्रेस के अनुसार, इनमें रुड़की के पूर्व महापौर यशपाल राणा, हरिद्वार के पूर्व प्रधानाचार्य मनोज कुमार सैनी, यमकेश्वर-कोटद्वार के पूर्व प्रमुख भुवनेश खर्कवाल, पुरोला के पूर्व अधिशासी अधिकारी भजनलाल आर्य, पुरोला के अधिवक्ता सचिन कुमार, रामकुमार वालिया और रविंद्र आनंद शामिल रहे।
सभा का संचालन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने किया। कांग्रेस ने कहा कि हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण में कार्रवाई और न्याय की मांग को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी सड़क से सदन तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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