आपदा सुरक्षित उत्तराखंड के लिए विश्व बैंक जारी रखेगा सहयोग: पास्कल डोनोहोई

विश्व बैंक की हाईलेवल टीम ने USDMA का किया दौरा, भूस्खलन न्यूनीकरण और आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के प्रयासों को सराहा

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Lucknow, 26 Aug, 2026 09:39 PM
आपदा सुरक्षित उत्तराखंड के लिए विश्व बैंक जारी रखेगा सहयोग: पास्कल डोनोहोई

देहरादून, 26 अगस्त। विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहोई ने कहा कि उत्तराखंड आपदाओं की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य है और आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दिशा में राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि आपदा सुरक्षित उत्तराखंड के निर्माण के लिए विश्व बैंक भविष्य में भी राज्य को अपना सहयोग जारी रखेगा।

पास्कल डोनोहोई के नेतृत्व में विश्व बैंक की हाईलेवल टीम ने बुधवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) का दौरा किया। इस दौरान टीम ने आपदा प्रबंधन और आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में विश्व बैंक के सहयोग से संचालित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की और उनकी प्रगति की जानकारी ली।

डोनोहोई ने कहा कि उत्तराखंड की पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदा जोखिम कम करने के लिए आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अध्ययन और मजबूत संस्थागत क्षमता का लगातार विकास जरूरी है। उन्होंने राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

भूस्खलन न्यूनीकरण के प्रयासों की ली जानकारी

विश्व बैंक की टीम ने विश्व बैंक पोषित विभिन्न योजनाओं और यू-प्रिपेयर परियोजना के तहत संचालित कार्यों की जानकारी ली। विशेष रूप से उत्तराखंड में भूस्खलन के जोखिम को कम करने के लिए अपनाई जा रही तकनीकों, जोखिम न्यूनीकरण उपायों और प्रभावित क्षेत्रों में सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई।

टीम ने यू-प्रिपेयर परियोजना के तहत अत्याधुनिक भूकंपरोधी और बेस आइसोलेशन तकनीक से निर्मित USDMA भवन का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने टीम को भवन की संरचनात्मक विशेषताओं और भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान इसकी सुरक्षा क्षमता की जानकारी दी। विश्व बैंक की टीम ने भवन में अपनाई गई आधुनिक तकनीकों और आपदा प्रतिरोधी निर्माण की सराहना की।

विश्व बैंक के सहयोग से बन रहे 36 पुल

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने उत्तराखंड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए विश्व बैंक की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने USDMA की ओर से आपदा प्रबंधन, जोखिम न्यूनीकरण, क्षमता निर्माण और तकनीकी सुदृढ़ीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि विश्व बैंक के सहयोग से प्रदेश में 36 पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा आपदा शेल्टर निर्माण, अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद और स्लोप स्टेबिलाइजेशन से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं।

सचिव ने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों की आपदाओं से निपटने की क्षमता को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही आपदा के दौरान त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत एवं तकनीकी क्षमता विकसित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और आपदा संवेदनशील राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित और मजबूत बुनियादी ढांचे का विकास आवश्यक है।

विश्व बैंक की टीम ने USDMA द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी वित्तीय सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर विश्व बैंक से जोहान्स जट्ट, प्रकाश चंद्र, जोहाना मारिया ग्राडी, सौम्या कपूर मेहता, शिल्पा बनर्जी सहित USDMA, यू-प्रिपेयर, पीआईयू-पीडब्ल्यूडी और उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन एंड मैनेजमेंट सेंटर के अधिकारी उपस्थित रहे।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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