रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की मंत्री मदन कौशिक ने की समीक्षा

बंद सड़कों को प्राथमिकता से खोलने, संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी और जलभराव के स्थायी समाधान के निर्देश

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Lucknow, 16 Aug, 2026 08:48 PM
रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की मंत्री मदन कौशिक ने की समीक्षा

रुद्रप्रयाग, 16 अगस्त 2026। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने रविवार को रुद्रप्रयाग पहुंचकर जिला कार्यालय सभागार में आपदा प्रबंधन, मानसून तैयारियों, पुनर्वास कार्यों और श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जनपद की आपदा संवेदनशीलता को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहते हुए आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मंत्री ने जनपद के आपदा संवेदनशील क्षेत्रों, वर्तमान में बंद एवं बाधित सड़क मार्गों, उपलब्ध मशीनरी, राहत एवं खोज-बचाव दलों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और क्यूआरटी की उपलब्धता, आवश्यक संसाधनों, हेलीपैडों की स्थिति तथा मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त विभागीय परिसंपत्तियों की जानकारी ली। इसके साथ ही आरवीएनएल द्वारा निर्माणाधीन सुरंगों, वित्तीय वर्ष 2026-27 में आपदा प्रबंधन बजट के व्यय, श्री केदारनाथ धाम पैदल मार्ग और यात्रा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।

बंद सड़कों को जल्द खोलने के निर्देश

लंबे समय से बंद पड़े सड़क मार्गों को लेकर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य कर मार्गों को शीघ्र सुचारू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक संसाधन और बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, इसलिए राहत, पुनर्स्थापना और यातायात बहाली के कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

मदन कौशिक ने उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क मार्गों और अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर मलबा आने अथवा मार्ग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में इंपैनल की गई मशीनों को तत्काल प्रभावित स्थल पर भेजा जाए, ताकि मलबा हटाकर यातायात जल्द बहाल किया जा सके। उन्होंने मशीनरी और उपकरणों की उपलब्धता के साथ उनकी लोकेशन की अद्यतन जानकारी रखने को भी कहा।

अगस्त्यमुनि और तिलवाड़ा में जलभराव पर स्थायी समाधान

बैठक में अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा समेत अन्य बाजार क्षेत्रों में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने संबंधित विभागों को जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार कर कार्ययोजना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को परेशानी न हो।

क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का समयबद्ध आकलन

मंत्री ने पेयजल और विद्युत आपूर्ति, सिंचाई नहरों, आयुष अस्पतालों, पंचायत भवनों सहित अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित विद्यालयों और अन्य संस्थानों की क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का समयबद्ध आकलन कर पुनर्स्थापना कार्यों में तेजी लाई जाए। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जा रहा है।

पीपलकोटी घटना का भी किया उल्लेख

मदन कौशिक ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने हाल ही में पीपलकोटी में हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रभारी मंत्री और उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था।

उन्होंने कहा कि संभावित आपदाओं से निपटने के लिए लगातार प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और विशेषज्ञों की सहायता से आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रही है और केंद्र सरकार से भी लगातार सहयोग मिल रहा है। आपदा के समय भारतीय सेना, एनडीआरएफ सहित अन्य केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग महत्वपूर्ण रहता है।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब मौसम के दौरान शासन स्तर से लगातार निगरानी रखी जा रही है और मुख्यमंत्री द्वारा उच्चस्तरीय बैठकों के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और तत्परता से निर्वहन करने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी, पर्याप्त मशीनरी एवं उपकरणों की उपलब्धता, त्वरित राहत-बचाव कार्रवाई और बाधित मार्गों को शीघ्र सुचारू करना सभी संबंधित विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष महावीर पंवार, जिला पंचायत सदस्य गंभीर सिंह, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, उप जिलाधिकारी जखोली भगत सिंह फोनिया, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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