खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, एकता और राष्ट्रभावना का होता है विकास : मुख्यमंत्री धामी
गाजियाबाद में 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 4 Nov, 2026 03:21 PMदेहरादून/गाजियाबाद, 04 नवंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गाजियाबाद में विद्या भारती द्वारा आयोजित 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह-2026 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया। साथ ही सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि खेलकूद प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ उनमें अनुशासन, एकता, सहयोग और राष्ट्रभावना का विकास करती हैं। देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों की सहभागिता इस आयोजन को विशेष बनाती है। हिमालय के सीमांत क्षेत्रों से लेकर कन्याकुमारी और पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर पूर्वोत्तर तक के खिलाड़ियों का एक मंच पर एकत्र होना वास्तव में ‘लघु भारत’ का दर्शन कराता है।
उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के संस्मरण साझा करते हुए कहा कि विभिन्न भाषाओं, वेशभूषाओं और सांस्कृतिक परिवेश से आए खिलाड़ियों को एक साथ देखकर उन्हें प्रसन्नता हो रही है। खेल का मैदान सभी को एक सूत्र में जोड़ता है। यहां खिलाड़ी न केवल प्रतिस्पर्धा करते हैं, बल्कि एक-दूसरे की संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर भी प्राप्त करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में जीत और हार दोनों का अपना महत्व है। जीत खिलाड़ी को आगे बढ़ने का उत्साह देती है, जबकि हार अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में साहस, धैर्य, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण गुण विकसित करते हैं।
शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्र निर्माण में विद्या भारती की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने विद्या भारती के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि संस्था शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। वर्ष 1952 में गोरखपुर में प्रथम सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना से शुरू हुई यह यात्रा आज देश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। संस्था का ध्येय वाक्य ‘सा विद्या या विमुक्तये’ शिक्षा के व्यापक उद्देश्य को अभिव्यक्त करता है।
उन्होंने कहा कि सीमांत, ग्रामीण, जनजातीय और वंचित क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार के लिए विद्या भारती द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उत्तराखण्ड में भी संस्था के विद्यालय शिक्षा और संस्कारों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति में शारीरिक विकास के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे शास्त्रों में ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ के माध्यम से स्वस्थ शरीर को जीवन के कर्तव्यों और लक्ष्यों की पूर्ति का आधार बताया गया है। खेलकूद समारोह की अनुशासित दिनचर्या भी विद्यार्थियों को समय के सदुपयोग, आत्मनिर्भरता और सामूहिक जिम्मेदारी का महत्व सिखाती है।
निषाद कुमार का उदाहरण देकर खिलाड़ियों को किया प्रेरित
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्या भारती विद्यालय स्तर से लेकर प्रांत, क्षेत्र और अखिल भारतीय स्तर तक खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक-2024 में रजत पदक विजेता निषाद कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प, निरंतर अभ्यास और कठिन परिश्रम के बल पर बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समारोह में भाग ले रहे खिलाड़ी भी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेंगे।
खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है केंद्र और राज्य सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसी पहलों ने युवाओं में खेलों और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। इन प्रयासों से सामान्य परिवारों से आने वाली खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार भी प्रदेश में खेल सुविधाओं और संसाधनों के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का विशेष प्रयास है कि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को भी उचित मंच मिले, ताकि प्रदेश के युवा खेलों के क्षेत्र में अपना भविष्य संवार सकें।
मुख्यमंत्री ने समारोह के सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही आयोजन के सफल संचालन के लिए विद्या भारती के पदाधिकारियों, आचार्यों, प्रशिक्षकों और आयोजन से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं की सराहना की।
इस अवसर पर महेश गुप्ता, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री देशराज शर्मा, अखिल भारतीय सह-संगठन मंत्री यतीन्द्र कुमार शर्मा, अखिल भारतीय संयोजक खेल विभाग मुक्तेश बगेशा, डॉ. विजय पाल सहित संस्था के पदाधिकारी, शिक्षक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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