लोकसंस्कृति और परंपराओं के संरक्षण से मजबूत होगी उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान : गणेश जोशी
‘कौथिग 2026’ में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री, नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का किया आह्वान
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 2 Nov, 2026 01:24 PMदेहरादून, 01 नवंबर। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण को लेकर आयोजित ‘कौथिग 2026’ में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने प्रतिभाग किया। देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में अखिल गढ़वाल सभा की ओर से आयोजित इस सांस्कृतिक आयोजन में उन्होंने लोकपरंपराओं को सहेजने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आयोजन के लिए अखिल गढ़वाल सभा के पदाधिकारियों और आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, रीति-रिवाज और परंपराएं हमारी विशिष्ट पहचान हैं। इनका संरक्षण करना और आने वाली पीढ़ियों तक इनकी विरासत पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
गणेश जोशी ने कहा कि अखिल गढ़वाल सभा द्वारा ‘कौथिग’ जैसे आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करते हैं, बल्कि युवाओं को अपनी परंपराओं, लोकजीवन और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति यहां की पहचान और गौरव का प्रतीक है। इसे जीवंत बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से लोकपरंपराओं को आगे बढ़ाना प्रदेश की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में ग्राफिक एरा के संस्थापक कमल घनशाला, अखिल गढ़वाल सभा के अध्यक्ष रोशन धस्माना, उपाध्यक्ष निर्मला बिष्ट, गजेंद्र भंडारी, उदय शंकर, वीरेंद्र असवाल, सूर्य प्रसाद भट्ट, अजय जोशी, मोहन सिंह खत्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


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