ग्रीन इण्डिया मिशन के तहत आजीविका संवर्धन एवं रोजगार सृजन पर विशेष जोर: प्रमुख सचिव
वर्ष 2031 तक की कार्ययोजना में स्थानीय समुदायों की आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 21 Oct, 2026 09:38 PMदेहरादून, 21 अक्टूबर। उत्तराखंड में ग्रीन इंडिया मिशन के माध्यम से रोजगार सृजन और स्थानीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित राज्य वन विकास अभिकरण की सातवीं राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में अधिकारियों को आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता देने और इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्रीन इंडिया मिशन (GIM) की वर्ष 2031 तक की आगामी पांच वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना की समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए मिशन के तहत वन संरक्षण एवं पौधरोपण से जुड़ी गतिविधियों को स्थानीय समुदायों की आजीविका से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
वन पंचायतों में सी-बकथोर्न के पौधरोपण पर जोर
प्रमुख सचिव ने वन पंचायतों में भी सी-बकथोर्न के पौधरोपण के निर्देश दिए। साथ ही आजीविका संवर्धन से जुड़े विषयों पर शीघ्र बैठक आयोजित कर आगे की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मिशन के तहत संचालित गतिविधियों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी और रोजगार की संभावनाओं को प्राथमिकता दी जाए।
₹559.16 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का आकलन
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य वन विकास अभिकरण (SFDA) के अंतर्गत वर्तमान में ग्रीन इंडिया मिशन, नगर वन योजना और स्कूल नर्सरी योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। अभिकरण का वर्ष 2031 तक के अगले पांच वर्षों के लिए नवीनीकरण किया गया है।
ग्रीन इंडिया मिशन की परिप्रेक्ष्य योजना के क्रियान्वयन के लिए ₹559.16 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है। बैठक में मिशन के तीन सब-मिशन, राज्य वन विकास अभिकरण की कार्यकारिणी समिति तथा केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों और संबंधित दस्तावेजों की जानकारी भी साझा की गई।
₹31.45 करोड़ की वार्षिक परिचालन योजना केंद्र को भेजी
बैठक में पिछली यानी छठी राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी जिलों में वन विकास अभिकरण की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। ग्रीन इंडिया मिशन और अन्य योजनाओं के तहत सफल पौधरोपण को लेकर नोडल अधिकारी के सुझाव सभी प्रभागीय वनाधिकारियों (DFO) को भेजे जा चुके हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ग्रीन इंडिया मिशन के नए कार्यों को छोड़कर जुलाई 2025 और मई 2026 में कुल ₹31.45 करोड़ की वार्षिक परिचालन योजना (APO) भारत सरकार को भेजी गई है। केंद्र सरकार से धनराशि स्वीकृत होने और जारी किए जाने के बाद स्थानीय समुदायों की आजीविका के विकास के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे।
बैठक में प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) कपिल लाल, पीसीसीएफ (वन्यजीव) नीना ग्रेवाल, एपीसीसीएफ (प्रोजेक्ट) विवेक पांडेय, अपर प्रमुख वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी (वन संरक्षण) मीनाक्षी जोशी, अपर सचिव नवनीत पांडेय, विक्रम सिंह यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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