विकसित उत्तराखण्ड की यात्रा में युवाओं, उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं की अहम भूमिका: सीएम धामी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 17 Oct, 2026 09:02 PMदेहरादून। उत्तराखण्ड में उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच राज्य में स्टार्टअप की संख्या पिछले पांच वर्षों में लगभग 700 से बढ़कर 1700 से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘विकसित उत्तराखण्ड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों, प्रगतिशील किसानों और नवाचारकर्ताओं की राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है।
नियोजन विभाग और देवभूमि डायलॉग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों से संवाद किया। उन्होंने प्रतिभागियों के अनुभवों, उपलब्धियों और सुझावों को सुना तथा उनके प्रयासों की सराहना की।
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में उत्तराखण्ड की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तराखण्ड निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है, लेकिन विकास को गति देने में प्रदेशवासियों की मेहनत, प्रतिभा और नवाचार की भावना भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा कृषि, तकनीक, उद्योग और स्वरोजगार सहित अनेक क्षेत्रों में नए प्रयोग कर रहे हैं। ये प्रयास न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहे हैं, बल्कि दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
पर्यटन, ऊर्जा और कृषि में रोजगार की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय पर्यटन और ऊर्जा को उत्तराखण्ड के विकास के प्रमुख आधारों के रूप में देखा गया था। आज पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जबकि इस क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं अभी भी व्यापक हैं।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भी पिछले पांच वर्षों के दौरान महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। राज्य में कई ऊर्जा परियोजनाओं पर काम चल रहा है और जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं का बेहतर उपयोग करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय संसाधनों, कृषि उत्पादों, औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक कौशल के माध्यम से आजीविका के नए अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया।
एक गाय से शुरू किया डेयरी कारोबार, अब 13 गायों का पालन
संवाद कार्यक्रम में उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एक गाय से डेयरी व्यवसाय शुरू किया था। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार किया। वर्तमान में उनके पास पांच बद्री गाय और आठ देशी गाय हैं।
चम्पावत के राहुल नरियाल ने सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाली कार तैयार करने के अपने प्रयासों की जानकारी दी। वहीं, पौड़ी के नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन और इसके माध्यम से अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने के बारे में बताया।
ऊधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ स्टार्टअप संचालित कर रहे हैं और उनका कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है।
गांव लौटकर हर्बल उत्पादों से रोजगार सृजन
चमोली के राजेश ने गांव लौटकर स्वरोजगार अपनाने और रिवर्स पलायन की मिसाल पेश की। उन्होंने रोजमेरी और अन्य हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में अपने कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि उनके प्रयासों से स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल रहा है।
नैनीताल की कमला देवी ने वाहनों के टायरों की मरम्मत का काम करके अच्छी आय अर्जित करने के अपने अनुभव साझा किए। वहीं, चमोली के डॉ. हरपाल नेगी ने बताया कि उन्होंने घेस क्षेत्र में कुटकी जैसी औषधीय वनस्पतियों की खेती के लिए स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित किया है। उनके अनुसार, इस कार्य से 300 से अधिक लोग जुड़े हैं और सामूहिक रूप से लगभग डेढ़ से दो करोड़ रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं।
इन उदाहरणों के माध्यम से कार्यक्रम में स्थानीय संसाधनों के उपयोग, ग्रामीण उद्यमिता और सामुदायिक भागीदारी से रोजगार के नए अवसर विकसित करने की संभावनाएं सामने आईं।
सिंगापुर से जुड़े प्रवासी उत्तराखण्डी ने गांव के विकास में सहयोग की जताई इच्छा
कार्यक्रम में सिंगापुर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े चम्पावत जिले के टनकपुर मूल निवासी शैलेश ने बताया कि वह सिंगापुर में सीवरेज जल शोधन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने चम्पावत के एक गांव को गोद लेकर उसके विकास में सहयोग देने की इच्छा व्यक्त की।
सोमेश्वर के ललित खाती ने एकीकृत कृषि प्रणाली के माध्यम से किए जा रहे कार्यों और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के प्रयासों की जानकारी दी।
वहीं, वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं अनीता शर्मा थपलियाल ने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को साझा किया। उन्होंने देहरादून में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।
सरकारी योजना से जर्मनी में नर्सिंग का अवसर
टिहरी जिले की सपना राणा ने मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मनी में रोजगार प्राप्त करने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में पिरूल से उपयोगी उत्पाद तैयार करने वाली गीता पंत और सुमन पांथरी, बागवानी के क्षेत्र में कार्य कर रहे महाबल नेगी तथा मोटे अनाज से बने उत्पादों की बेकरी संचालित करने वाली कल्पना बिष्ट ने भी अपने अनुभव साझा किए।
युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे ये कार्य अन्य लोगों के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों और युवाओं की प्रतिभा का प्रभावी उपयोग करके आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए बेहतर अवसर मिलें, ताकि वे आत्मनिर्भर बनने के साथ ही दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार सृजित कर सकें।
कार्यक्रम में देवभूमि डायलॉग के संपादक रमेश भट्ट ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो प्रस्तुतीकरण भी दिया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर अवधूत गिरि महाराज, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं सी. रविशंकर, अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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