युवाओं के विचार विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका - मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन: युवाओं के विचार विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 18 Sep, 2026 06:20 PMदेहरादून, 18 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं के विचार, नवाचार और सुझाव विकसित राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेशभर से चयनित 140 छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उत्तराखण्ड के भविष्य को लेकर उनके विचार एवं सुझाव सुने।
2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने साझा किए विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान में प्रदेश के 2 लाख 67 हजार 744 विद्यार्थियों ने निबंध, विचार और सुझाव साझा किए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि प्रदेश का युवा अपने राज्य के विकास और भविष्य को लेकर जागरूक है।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क एवं आधारभूत ढांचे, वन एवं पर्यावरण, खेल, पलायन, स्वरोजगार, स्टार्टअप और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए हैं। सरकार इन उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों को योजनाओं एवं नीति-निर्धारण से जोड़ने का प्रयास करेगी।
सरकारी स्कूलों के कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब के लिए DBT
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राजकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को एआई, रोबोटिक्स, डिजिटल तकनीक और आधुनिक मांग आधारित कौशल से जोड़ना आवश्यक है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार प्राप्त करने के लिए तैयार करना ही नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमिता और स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार सृजन के लिए भी प्रोत्साहित करना है।
विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट सुझाव देने वाले विद्यार्थी सम्मानित
कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ के विभिन्न उप-विषयों में उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
● शिक्षा एवं युवा अवसर: मयूह भंडारी और रवीना
● पर्यावरण, वन एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता: शेरोन कपूर
● स्वास्थ्य एवं जन सेवाएं: सतीश कुमार
● पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन एवं रोजगार: माही बलाई
● सड़क, संपर्क एवं आधारभूत संरचना: श्रितिका रावत
● प्रौद्योगिकी एवं सुशासन: प्रियांशु सजवाण
● पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था: दृष्टि चौहान
● महिला एवं बाल कल्याण: अनुष्का नेगी
युवाओं और सरकार के बीच संवाद जरूरी: धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और युवाओं के बीच निरंतर संवाद बना रहना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और विद्यार्थियों के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन और युवाओं के बीच इस प्रकार का वैचारिक मंथन नई सोच को बढ़ावा देने के साथ बेहतर नीति-निर्माण में भी सहायक हो सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है और इस लक्ष्य को हासिल करने में वर्तमान युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं में प्रतिभा और सामर्थ्य की कमी नहीं है; जरूरत उन्हें उचित अवसर, दिशा और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने की है।
पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर मेहनत करने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने का आह्वान किया।
पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए पूरी लगन से प्रयास करने को कहा। उन्होंने कहा कि युवा उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक हैं और उनकी ऊर्जा, नवाचार तथा परिश्रम राज्य के विकास को नई दिशा दे सकते हैं।
विद्यार्थियों ने दिए कई उपयोगी सुझाव
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
उत्तरकाशी के अनमोल प्रमार ने स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी ग्राम स्तर तक पहुंचाने तथा विद्यालयों में करियर काउंसलिंग के साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। रुद्रपुर की वैष्णवी ने वरिष्ठ नागरिकों के ज्ञान और अनुभवों को संरक्षित एवं उपयोग में लाने के लिए ‘नॉलेज बैंक’ विकसित करने की बात कही।
कालसी की कसिस ने औषधीय वनस्पतियों की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए इनके माध्यम से वैश्विक बाजार में उत्तराखण्ड की विशिष्ट पहचान बनाने का सुझाव दिया। वहीं, अल्मोड़ा के भरत ने पर्यटन क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही श्रेष्ठ प्रथाओं का अध्ययन कर उन्हें उत्तराखण्ड की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि युवाओं की सोच एवं उनकी रचनात्मक भागीदारी राज्य के विकास की दिशा तय करने में उपयोगी साबित हो सकती है।
कार्यक्रम में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चन्द्रेश कुमार, ज्योति यादव, धीराज गर्ब्याल, सी. सविशंकर, अपर सचिव आलोक कुमार पाण्डेय, बंशीधर तिवारी, संदीप तिवारी, नमामि बंसल, झरना कमठान, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोण्डे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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