लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण पर मुख्य सचिव सख्त, जिलाधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
जनपदों की समस्याओं का शासन स्तर पर प्राथमिकता से समाधान, अनुपस्थित चिकित्सकों की मांगी सूची; ई-ऑफिस और जिला स्तरीय समितियों की नियमित बैठकों पर जोर
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 1 Sep, 2026 09:15 PMदेहरादून, 1 सितंबर 2026। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद स्तर से शासन स्तर तक लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विकास और जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनका निर्धारित समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जनपदों से आने वाली समस्याओं और जनहित से जुड़े मामलों का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागों को विकास कार्यों और जनहित के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उन पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
लंबे समय से अनुपस्थित चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग और सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को लंबे समय से बिना सूचना या अनुमति के अनुपस्थित चल रहे चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने जनपद स्तरीय समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने पर भी जोर दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं से संबंधित विभागीय सचिवों को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए, ताकि आवश्यक नीतिगत स्तर पर उनका समाधान किया जा सके।
ई-ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस व्यवस्था को गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग से फाइलों के प्रचालन में तेजी आएगी और लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक सुगम एवं पारदर्शी हो सकेगी।
बैठक में विभिन्न विभागों के जनपद एवं विकासखंड स्तर पर रिक्त पदों को भरने, आवश्यकता के अनुसार नए पद सृजित करने, भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों, विभिन्न विभागीय परियोजनाओं की स्वीकृति एवं बजट की उपलब्धता तथा चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। संबंधित विभागों ने इन मामलों की अद्यतन स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मुख्य सचिव के समक्ष रखी।
दूरसंचार समस्याओं के समाधान के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में डिस्ट्रिक्ट टेलीकॉम कमेटी की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपदों में नेटवर्क से संबंधित समस्याओं को डीडीजी टेलीकॉम और सचिव, आईटी के संज्ञान में लाकर उनका त्वरित समाधान कराया जाए।
इसके साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारियों (CEO) और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को इस संबंध में अगले 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा गया।
मार्च में होने वाले विवाहों को सहायता से वंचित होने का मुद्दा उठा
बैठक में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और विधवा महिलाओं की बेटियों के विवाह के लिए दी जाने वाली सहायता राशि से संबंधित आवेदन की कट-ऑफ तिथि का मुद्दा भी सामने आया। जनपद स्तर के अधिकारियों ने बताया कि फरवरी में निर्धारित कट-ऑफ तिथि के कारण मार्च में होने वाले विवाहों के पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इस समस्या के समाधान के लिए बैठक में कट-ऑफ तिथि से संबंधित प्रावधान को हटाने की मांग रखी गई। मुख्य सचिव ने जनपदों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों और लंबित प्रकरणों पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए तथा कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, रविनाथ रमन, डॉ. वी. षणमुगम, विनय शंकर पाण्डेय, ज्योति यादव, विनोद कुमार सुमन और राजेंद्र कुमार सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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