एक भाई के रूप में अपना कर्तव्य निभाऊंगा, माताओं-बहनों की सेवा मेरी प्राथमिकता: धामी
चकरपुर में रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं, 10 पिंक ई-बसें होंगी महिलाओं को समर्पित; महिला स्वरोजगार योजना में ऋण सीमा ढाई लाख रुपये करने का ऐलान
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 28 Aug, 2026 07:28 PMचकरपुर, 28 अगस्त। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की महिलाओं को कई बड़ी सौगातें देने की घोषणा की। चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तराखंड में 60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की सुविधा देने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा देहरादून में 10 पिंक ई-बसें महिलाओं को समर्पित करने, महिला स्वरोजगार योजना में रियायती बैंक ऋण की सीमा दो लाख से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये करने और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए हाईटेक टॉयलेट बनाने की घोषणा की।
‘महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता’
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति की गरिमा, सम्मान, सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और अन्य आवश्यक स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट बनाए जाएंगे। इनमें महिलाओं की निजता, सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिले तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं विकसित की जाएं।
60 साल की उम्र से महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। अब इस सुविधा को महिलाओं के लिए 60 वर्ष की आयु से लागू किया जाएगा। इससे प्रदेश की अधिकाधिक बुजुर्ग महिलाओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
देहरादून में चलेंगी 10 पिंक ई-बसें
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत उत्तराखंड को मिलने वाली 137 इलेक्ट्रिक बसों में से देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तार दिया जाएगा।
महिला स्वरोजगार योजना में अब ढाई लाख तक ऋण
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना में रियायती बैंक ऋण की सीमा दो लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनाना है।
बहनों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी
चकरपुर स्टेडियम में आयोजित समारोह में प्रदेश की बहनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों का आभार जताते हुए रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बहनों का प्रेम और स्नेह उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का भी पर्व है। यह पर्व समाज में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के संकल्प को मजबूत करता है।
‘मातृशक्ति का सम्मान हमारी जिम्मेदारी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान को विशेष स्थान दिया गया है। सरकार इसी भावना के साथ महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जन-धन, मुद्रा, उज्ज्वला और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया है। उत्तराखंड में भी नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, 181 महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य है।
3.09 लाख बहनें बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 3 लाख 9 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि वे अब लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति बनने का लक्ष्य रखें। सरकार इस यात्रा में हर संभव सहयोग देगी।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। देहरादून में प्रदेश के सभी 13 जिलों के उत्पादों की बिक्री के लिए 13 सेंटर स्थापित किए जाने का निर्णय भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट उत्पाद तैयार कर रही हैं और अब इनके उत्पादों की मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी बढ़ रही है।
‘एक भाई के रूप में अपना कर्तव्य निभाऊंगा’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “मैं एक भाई के रूप में हमेशा अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी के साथ निभाऊंगा।” उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों की सेवा उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की माताओं-बहनों के भाई और बेटे के रूप में सेवा करना उनके लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि जब तक प्रदेश की प्रत्येक बहन सम्मानित, सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं हो जाती, तब तक सरकार इसी संकल्प के साथ महिला सशक्तिकरण और उत्तराखंड के विकास के लिए काम करती रहेगी।
समारोह में दर्जा मंत्री मोहिनी पोखरिया, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, रणदीप पोखरिया, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता



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