मातृशक्ति बोली—‘आप हमारे भैया हैं धामी जी’, सशक्त बहना उत्सव में दिखा आत्मीयता का रिश्ता
स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहीं प्रदेश की महिलाएं, मुख्यमंत्री से साझा की सफलता की कहानियां
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 24 Aug, 2026 11:15 PMदेहरादून, 24 अगस्त। सशक्त बहना उत्सव के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने सरकार की योजनाओं से उनके जीवन में आए बदलाव, आत्मनिर्भर बनने की अपनी यात्रा और मुख्यमंत्री के प्रति अपने आत्मीय भाव साझा किए।
संवाद के दौरान माहौल उस समय भावुक हो गया, जब डोईवाला की एक महिला ने मुख्यमंत्री धामी को प्रदेश की महिलाओं का ‘बड़ा भाई’ बताते हुए कहा कि मातृशक्ति उन्हें केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह देखती है। वहीं, पौड़ी गढ़वाल की एक महिला ने मुख्यमंत्री के साथ अपने संबंध को ‘गुरु-शिष्य’ जैसा बताते हुए कहा कि सरकार के मार्गदर्शन और सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।
‘प्रदेश की महिलाएं आपको बड़े भाई के रूप में जानती हैं’
डोईवाला की महिला ने बताया कि प्रदेश की मातृशक्ति तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है और इसमें सरकारी योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। समूह की महिलाएं मसाले, अचार, धूप सहित विभिन्न स्थानीय उत्पाद तैयार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मसाला यूनिट का मासिक कारोबार करीब तीन से चार लाख रुपये तक पहुंच गया है, जिससे 10 से 15 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। समूह की ओर से दाल-बड़ी यूनिट भी संचालित की जा रही है।
महिला ने बताया कि सरकार की ओर से मिली पांच लाख रुपये की सहायता से कैंटीन भी शुरू की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकार के सहयोग से महिलाओं में अपने पैरों पर खड़े होने का विश्वास बढ़ा है। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं मुख्यमंत्री धामी को केवल मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि अपने ‘बड़े भाई’ के रूप में देखती हैं।
पौड़ी की महिला ने कहा—‘आपका और हमारा रिश्ता गुरु-शिष्य का’
पौड़ी गढ़वाल की महिला ने मुख्यमंत्री का अभिवादन ‘राधे-राधे’ से करते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ उनका रिश्ता गुरु-शिष्य जैसा है। जिस तरह गुरु मार्गदर्शन कर आगे बढ़ने का हौसला देता है, उसी तरह सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई।
उन्होंने बताया कि पहले संसाधनों और आत्मविश्वास की कमी थी, लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बाद उन्होंने बकरी पालन को स्वरोजगार का माध्यम बनाया। आज उनके समूह की महिलाएं सिलाई के साथ अचार, धूपबत्ती, होली के रंग और राखियां तैयार कर उन्हें बाजार तक पहुंचा रही हैं।
महिला ने कहा कि आज वे आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री के सामने बैठकर अपनी सफलता की कहानी साझा कर पा रही हैं। यह बदलाव सरकारी योजनाओं और मिले सहयोग का परिणाम है।
योजनाओं से मिला संबल, आत्मनिर्भरता बनी पहचान
सशक्त बहना उत्सव में महिलाओं की सामने आई सफलता की कहानियां बताती हैं कि सरकारी योजनाएं महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं रह गई हैं, बल्कि वे स्वरोजगार, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला बन रही हैं।
मुख्यमंत्री धामी के साथ संवाद में महिलाओं का सहज अपनापन और विश्वास सरकार तथा मातृशक्ति के बीच मजबूत होते आत्मीय संबंध को भी सामने लाया। स्वरोजगार से स्वावलंबन और स्वावलंबन से सशक्तिकरण की यह यात्रा प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी नई दिशा दे रही है।



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