उत्तराखण्ड को देश की अग्रणी खेल भूमि बनाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेता जनपद को सौंपी ट्रॉफी और 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि, खिलाड़ियों को डीबीटी से वितरित होंगे 11.30 करोड़ रुपये
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 1 Nov, 2026 05:15 PMदेहरादून, 1 नवंबर। उत्तराखण्ड में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित खेल महाकुम्भ-2026 एवं मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी का रविवार को मिनी स्टेडियम, ननूरखेड़ा में भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के विजेता जनपद देहरादून को ट्रॉफी के साथ 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की। साथ ही उन्होंने युवाओं के लिए तैयार किए गए meroyuva.in पोर्टल का भी विमोचन किया।
समापन समारोह के दौरान खिलाड़ियों ने मलखम्ब और आर्टिस्टिक योग का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों को आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
3.35 लाख से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अपनी देवभूमि की पहचान के साथ अब खेल भूमि के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, संघर्ष क्षमता और टीम भावना का विकास होता है।
उन्होंने बताया कि 1 सितंबर को चम्पावत के टनकपुर से शुरू हुई खेल महाकुम्भ की यात्रा न्याय पंचायत, विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर से होते हुए राज्य स्तर तक पहुंची। वर्ष 2017 में शुरू किए गए इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष खेल महाकुम्भ में लगभग 2.20 लाख खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 3.35 लाख से अधिक हो गई है। खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि खेल महाकुम्भ प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने वाला एक व्यापक आयोजन बन चुका है।
11.30 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी से होगी वितरित
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत 32 खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रदेश की 662 न्याय पंचायतों, सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों, संसदीय क्षेत्र स्तर और राज्य स्तर पर किया गया। प्रतियोगिताओं में सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों और अवसरों के अभाव में पीछे न रह जाए। इसी उद्देश्य से न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इस वर्ष लगभग 11.30 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से खिलाड़ियों के बैंक खातों में वितरित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वाले पात्र खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के तहत सरकारी सीधी भर्ती के पदों में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया गया है।
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने देश में खेलों के प्रति नई जागरूकता पैदा की है। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड सरकार भी खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर खेल सुविधाएं और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में आयोजित इन खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया था। उन्हें विश्वास है कि खेल महाकुम्भ के माध्यम से सामने आ रही नई प्रतिभाएं भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश एवं प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हार और जीत खेल का अभिन्न हिस्सा हैं। जो खिलाड़ी इस बार पदक हासिल नहीं कर सके, उन्हें निराश होने के बजाय अपनी कमियों से सीख लेकर और अधिक मेहनत करनी चाहिए। राज्य सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
खेल सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का विशेष ध्यान : रेखा आर्या
कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति और खेल उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। लोहाघाट में बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन शुरू किया गया है। इसके साथ ही राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और आधुनिक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने खेल महाकुम्भ के सफल आयोजन के लिए युवा कल्याण एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, प्रांतीय रक्षक दल के जवानों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, शिक्षकों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।
समारोह में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, उत्तराखण्ड युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनोद सुयाल एवं कुन्दन सिंह लटवाल, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा तथा युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल की निदेशक दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।


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