अर्ली वार्निंग सिस्टम को किया जा रहा मजबूत, ग्लेशियर झीलों और नदियों की बढ़ेगी निगरानी: मदन कौशिक

नेपाल की हालिया आपदा से सबक लेते हुए उत्तराखंड में संवेदनशील क्षेत्रों की मॉनिटरिंग पर जोर, समय रहते चेतावनी पहुंचाने की तैयारी

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 28 Aug, 2026 02:40 PM
अर्ली वार्निंग सिस्टम को किया जा रहा मजबूत, ग्लेशियर झीलों और नदियों की बढ़ेगी निगरानी: मदन कौशिक

देहरादून। उत्तराखंड में आपदा के संभावित जोखिमों को कम करने के लिए राज्य सरकार ने अर्ली वार्निंग सिस्टम और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और सरकार संभावित खतरों से निपटने के लिए तैयारियों को लगातार मजबूत कर रही है।

मदन कौशिक ने कहा कि नेपाल में हाल में हुई आपदा से सबक लेते हुए उत्तराखंड में ग्लेशियर झीलों, नदियों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है। इसके तहत संवेदनशील ग्लेशियर झीलों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण, नियमित मॉनिटरिंग और आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी या तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता होगी, वहां आवश्यक उपकरण और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य संभावित खतरे की सूचना समय रहते प्रशासन और स्थानीय लोगों तक पहुंचाना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू की जा सके।

आपदा से पहले की तैयारी पर जोर

आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा है। इसके लिए आपदा से पहले की तैयारी, समय पर चेतावनी, स्थानीय स्तर पर क्षमता निर्माण और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें संभावित आपदा के संकेत समय रहते मिल सकें और चेतावनी को तेजी से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सके। इससे आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को समय रहते सक्रिय करने और संभावित जनहानि को न्यूनतम करने में मदद मिलेगी।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता


सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

moti2